दिल्ली, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू (H1N1 इन्फ्लूएंजा) के मामलों में हालिया बढ़ोतरी को देखते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने स्थिति स्पष्ट की है। आईसीएमआर और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने जनता को आश्वस्त किया है कि वायरस का कोई नया या म्यूटेटेड वेरिएंट सामने नहीं आया है। जीनोम सीक्वेंसिंग और नियमित निगरानी के आधार पर वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया है कि यह वही मौसमी H1N1 वायरस है, जो मौसम में बदलाव और बारिश की नमी के दौरान हर साल सक्रिय होता है। वर्तमान में वायरस के स्वरूप में किसी भी प्रकार के घातक बदलाव के प्रमाण नहीं मिले हैं, इसलिए घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।
स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर के अनुसार देश में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और अस्पतालों में भर्ती होने की दर बेहद कम है। सभी प्रमुख अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में आइसोलेशन बेड, टेस्टिंग किट और एंटीवायरल दवाएं उपलब्ध हैं। यद्यपि सामान्य स्वस्थ व्यक्तियों में यह संक्रमण आराम और सामान्य दवाओं से कुछ दिनों में ठीक हो जाता है, लेकिन 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा डायबिटीज या अस्थमा से पीड़ित मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों ने भीड़भाड़ में मास्क लगाने, हाथों की नियमित सफाई रखने और लक्षण दिखने पर डॉक्टर से परामर्श लेने की अपील की है।


