नई दिल्ली:
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने माता-पिता और अभिभावकों से अपील की है कि वे 5 से 17 साल की उम्र के बच्चों का मैंडेटरी बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) समय रहते पूरा करा लें। UIDAI ने 30 सितंबर 2026 तक इस सुविधा को पूरी तरह निःशुल्क रखा है। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद बायोमेट्रिक अपडेट कराने पर शुल्क लग सकता है।
किन उम्र के बच्चों के लिए अपडेट अनिवार्य?
नियमों के अनुसार, बच्चों के आधार में दो बार बायोमेट्रिक्स अपडेट कराना अनिवार्य होता है:
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पहली बार: 5 वर्ष की उम्र पूरी होने पर
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दूसरी बार: 15 वर्ष की उम्र पूरी होने पर
5 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार कार्ड बनाते समय केवल नाम, पता और फोटो जैसी जानकारी दर्ज की जाती है, क्योंकि उस समय उंगलियों के निशान और आंखों की पुतलियां पूरी तरह विकसित नहीं होती हैं। इसलिए 5 और 15 साल की उम्र में बायोमेट्रिक्स का अपडेशन आवश्यक है।
अपडेटेड आधार की आवश्यकता
स्कूली छात्रों और बच्चों के लिए आधार में सही बायोमेट्रिक डेटा होना कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के लिए जरूरी है:
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स्कूलों में नए दाखिले (Admission) के समय
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प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं में पहचान सत्यापन के दौरान
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विभिन्न छात्रवृत्तियों (Scholarships) के लिए आवेदन में
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केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में
देशभर में चलाया जा रहा है विशेष अभियान
UIDAI द्वारा बच्चों के आधार अपडेट को आसान बनाने के लिए देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। अब तक लगभग 1.56 लाख से अधिक स्कूलों तक पहुंच बनाकर 2 करोड़ से ज्यादा स्कूली बच्चों के बायोमेट्रिक्स अपडेट किए जा चुके हैं। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना नजदीकी आधार केंद्र जाकर इस निःशुल्क सुविधा का लाभ उठाएं।

