छत्तीसगढ़ में रचा गया इतिहास: एक साथ 6,412 जोड़ों का विवाह, बना ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का औपचारिक शुभारंभ करते हुए इसे प्रदेश के स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए एक अनिवार्य कदम बताया। उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि एक सशक्त राज्य की नींव उसके स्वस्थ नागरिकों और विशेषकर सुपोषित बच्चों पर टिकी होती है।
इस अभियान की रणनीतिक शुरुआत के विषय में उन्होंने जानकारी दी कि इसे वर्तमान में एक पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रथम चरण में सरगुजा और बस्तर संभाग के आठ चयनित जिलों को शामिल किया गया है, जहाँ कुपोषण की चुनौती से निपटने के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से पूर्ण नहीं हो सकता, बल्कि इसके लिए पूरे समाज की सक्रिय सहभागिता और जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता और इससे प्राप्त परिणामों का बारीकी से अध्ययन करने के बाद, इस अभियान को पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा।
“पाँच स्तंभ, एक लक्ष्य: विकसित भारत और नेट जीरो के लिए नीति आयोग का मास्टर प्लान।”
महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से इस अभियान को धरातल पर उतारने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि राज्य का हर बच्चा और महिला कुपोषण के चक्र से बाहर निकल सके।
अब राजस्व सेवाएँ एक क्लिक दूर : भुइयां व्हाट्सऐप चैटबॉट और ऑटो-डाइवर्ज़न सुविधा का हुआ शुभारंभ

