​”छतीसगढ़ में हाथी 1% और मौत 15%?: विधानसभा में पूर्व CM बघेल के सवाल पर वन मंत्री ने दी सफाई”

​जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में हाथी और अन्य वन्यजीवों के साथ मानव द्वंद्व की स्थिति गंभीर बनी हुई है। विधानसभा में विधायक श्रीमती रायमुनी भगत के सवाल का जवाब देते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने पिछले दो वर्षों के विस्तृत आंकड़े पेश किए।

बस्तर और सरगुजा में कुपोषण के खिलाफ सरकार की बड़ी मुहिम: जशपुर ने पेश की मिसाल, सुकमा-नारायणपुर में चुनौतियां बरकरार

रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के दौरान वन्यजीवों के हमले में कुल 34 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी, जिसमें अकेले वर्ष 2023-24 में 19 मौतें दर्ज की गई थीं। इन दु:खद घटनाओं के बदले सरकार ने पीड़ितों के परिजनों को अब तक कुल 2.04 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि का भुगतान किया है।

परिवहन विभाग : जशपुर समेत तीन जिलों में अवैध वसूली की कोई शिकायत नहीं उड़नदस्तों पर नहीं होगी कोई विभागीय जांच

​जनहानि के साथ-साथ खेती-किसानी पर भी वन्यजीवों का भारी असर पड़ा है। आंकड़ों से पता चलता है कि दो वर्षों के भीतर फसल क्षति के कुल 2,858 मामले सामने आए, जिनसे लगभग 3,251 हेक्टेयर का रकबा प्रभावित हुआ। किसानों को इस नुकसान की भरपाई के लिए विभाग द्वारा 1.81 करोड़ रुपये से अधिक की राशि बांटी गई है। यदि जनहानि और फसल नुकसान दोनों को मिला दिया जाए, तो सरकार ने राहत कार्यों में कुल 3.85 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।

तकनीकी खामी: प्रदेश में वैध दस्तावेजों के बावजूद कट रहे ऑनलाइन चालान

​इस संकट से निपटने के लिए वन विभाग ने जशपुर वनमंडल में सुरक्षा और प्रबंधन के कड़े उपाय लागू किए हैं। हाथियों को रिहायशी इलाकों से दूर रखने के लिए जंगलों के भीतर ही चारा और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु ‘हैबिटेट विकास’ के कार्य किए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर ‘हाथी मित्र दलों’ का गठन किया गया है और वन प्रबंधन समितियों के साथ नियमित बैठकें कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़: वनों में भू-जल संरक्षण से सुधरेगा वन्यजीवों का रहवास, मंत्री केदार कश्यप ने दी विस्तृत जानकारी

इसके अलावा, हाथियों की मौजूदगी की सूचना देने के लिए माइक से प्रचार-प्रसार और सुरक्षा संबंधी पम्प्लेट्स का वितरण लगातार जारी है।

​वहीं, कैम्पा (CAMPA) मद के तहत जिले में बड़े पैमाने पर विकास कार्य भी चलाए जा रहे हैं। इसमें वृक्षारोपण और लैंटाना उन्मूलन जैसे पर्यावरणीय कार्यों के साथ-साथ स्ट्राइक फोर्स वाहनों की तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कदम शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ में आकाशीय बिजली का तांडव: 434 की मौत,बलरामपुर में सर्वाधिक 51 मौतें, जबकि नारायणपुर में सबसे कम 1 जनहानि

वन विभाग ने तकनीकी निगरानी के लिए ट्रैप कैमरों और वॉच टावरों का भी सहारा लिया है ताकि वन्यप्राणियों के विचरण पर नजर रखी जा सके और भविष्य में होने वाली जनहानि को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।

 

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version