जल जीवन मिशन में रायगढ़ जिले में स्वीकृत 1348 कार्यों में से 677 कार्य अब भी अधूरे , लैलूंगा और धर्मजयगढ़ में लटके सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट

रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के जुलाई सत्र के दौरान आज प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था के बुनियादी ढांचे को लेकर एक बेहद चिंताजनक सरकारी रिपोर्ट सामने आई है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा विधानसभा तारांकित प्रश्न संख्या 17 के लिखित जवाब में राज्य के सभी 33 जिलों में संचालित सरकारी स्कूलों, उनके स्वयं के भवनों, जर्जर भवनों और भवन विहीन शालाओं की सूची पटल पर रखी गई है। लोक शिक्षण संचालनालय और स्कूल शिक्षा विभाग महानदी भवन के अधिकारियों द्वारा सत्यापित इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश में सैकड़ों स्कूल आज भी बिना छत के चल रहे हैं।

जशपुर जिले में सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रहे 78 स्कूल

आइए जानते हैं कि छत्तीसगढ़ में स्कूली भवनों की वर्तमान जमीनी हकीकत क्या है।

सबसे पहले अगर पूरे प्रदेश के कुल आंकड़ों की बात करें तो प्राथमिक से लेकर हायर सेकेण्डरी स्तर तक कुल 878 स्कूल ऐसे हैं जो पूरी तरह भवन विहीन हैं यानी जिनके पास अपना कोई सरकारी भवन ही नहीं है। इनमें 488 प्राथमिक शाला, 186 माध्यमिक शाला, 150 हाईस्कूल और 54 हायर सेकेण्डरी स्कूल बिना भवन के संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा राज्य में कुल 3931 स्कूल ऐसे हैं जिनकी इमारतें पूरी तरह जीर्णशीर्ण यानी जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं जिससे वहां पढ़ने वाले बच्चों की सुरक्षा दांव पर लगी है।

पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में मादक द्रव्यों के विनिर्माण के लिए 01 मद्यशाला स्थापित, 179 दुकानें संचालित और 120 दुकानों को ग्राम सभा की अनुमति की आवश्यकता नहीं

इसके बाद अगर जिलों के हिसाब से भवन विहीन स्कूलों की सबसे खराब स्थिति को देखें तो बीजापुर जिला सबसे आगे निकल गया है। बीजापुर जिले में कुल 114 प्राथमिक शालाएं, 7 माध्यमिक शालाएं, 3 हाईस्कूल और 1 हायर सेकेण्डरी स्कूल भवन विहीन है। दूसरे नंबर पर बस्तर जिला है जहाँ 52 प्राथमिक, 30 माध्यमिक, 12 हाईस्कूल और 6 हायर सेकेण्डरी स्कूलों के पास खुद का भवन नहीं है। आदिवासी बाहुल्य सरगुजा जिले में भी 53 प्राथमिक और 22 माध्यमिक शालाएं बिना भवन के संचालित हो रही हैं।

CG को बड़ी सौगात: गीदम से कुनकुरी तक खुलेंगे 5 नए Medical Colleges, 250 MBBS Seats को मिली मंजूरी

अंत में अगर जर्जर भवनों की मार झेल रहे जिलों की बात की जाए तो बिलासपुर, कोंडागांव और बलौदा बाजार की हालत सबसे ज्यादा खराब है। बिलासपुर जिले में 257 प्राथमिक शालाएं और 43 माध्यमिक शालाएं जर्जर हो चुकी हैं। इसी तरह कोंडागांव जिले में 255 प्राथमिक और 159 माध्यमिक शालाओं के भवन जीर्णशीर्ण अवस्था में हैं। बलौदा बाजार जिले में भी 153 प्राथमिक स्कूल पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। राहत की बात केवल यह है कि नारायणपुर और कोरिया जैसे छोटे जिलों में भवन विहीन स्कूलों की संख्या शून्य या बेहद कम है।

शासकीय सेवकों की मृत्यु के बाद लंबित विभागीय जाँच पर जीएडी ने जारी किए निर्देश, जानिए क्या होगा प्रक्रिया का स्वरूप

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version