भोपाल/रायपुर। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच यात्रा करने वालों के लिए एक बहुत बड़ी और शानदार खबर निकलकर सामने आई है! दोनों राज्यों की कनेक्टिविटी को एकदम हाई-टेक बनाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने 15,000 करोड़ रुपये का महा-बजट मंजूर कर दिया है।
इस भारी-भरकम बजट से ‘जबलपुर-भोपाल ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे’ और ‘जबलपुर-मंडला-छत्तीसगढ़ सीमा 6-लेन कॉरिडोर’ तैयार किया जाएगा। सीधी बात कहें तो—अब भोपाल से रायपुर तक का जो लंबा और थकाऊ सफर 14 से 15 घंटे ले लेता था, वो इस नए गलियारे के बनते ही हवा की रफ्तार से महज 6 से 7 घंटे में पूरा हो जाएगा!
पीएम मोदी ने देशवासियों से की 15 अगस्त को आन-बान-शान से मनाने की अपील; 2047 के ‘विकसित भारत’ का दिलाया संकल्प
120 किमी/घंटा की रफ्तार और समय की ज़बरदस्त बचत
यह कोई मामूली सड़क नहीं, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से लैस एक्सप्रेसवे होगा, जहाँ गाड़ियाँ 120 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से फर्राटा भर सकेंगी।
भोपाल से जबलपुर:
दूरी 320 किमी से घटकर सिर्फ 255 किमी रह जाएगी। समय 6-7 घंटे से सीधा गिरकर ढाई से 3 घंटे पर आ जाएगा।
जबलपुर से छत्तीसगढ़ सीमा:
चिल्पी घाट वाले रूट को 6-लेन बनाने के लिए 2,500 करोड़ रुपये अलग से खर्च होंगे। नतीजा? जबलपुर से रायपुर का सफर 8 घंटे की जगह साढ़े तीन से 4 घंटे में खत्म!
TRAI का बड़ा कदम: अब 1601 सीरीज से आएंगी बिजली, गैस और कूरियर की सर्विस कॉल; फर्जीवाड़े पर लगेगा लगाम
बिजनेस भी चमकेगा और ‘टाइगर सफारी’ का मज़ा भी दोगुना होगा
यह कॉरिडोर सिर्फ दूरी कम नहीं करेगा, बल्कि दो राज्यों की अर्थव्यवस्था और पर्यटन की दिशा ही बदल देगा:
कारोबार में आएगी तेजी:
मध्य प्रदेश के भोपाल, जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम, सागर, दमोह, डिंडोरी, मंडला और छत्तीसगढ़ के रायपुर, कवर्धा, बेमेतरा व सिमगा सीधे इस हाइवे से कनेक्ट होंगे। माल ढुलाई आसान होगी और व्यापार को नया पंख लगेगा।
जंगलों की सैर होगी आसान:
सरकार की 5,500 करोड़ रुपये की ‘टाइगर कॉरिडोर’ योजना के तहत यह मार्ग कान्हा, बांधवगढ़ और पन्ना नेशनल पार्क को आपस में जोड़ेगा। यानी अब पर्यटकों के लिए मध्य भारत के प्रमुख टाइगर रिजर्व्स तक पहुँचना बेहद आसान और झटपट हो जाएगा।

