दो साल में मात्र एक प्रतिशत पंजीकृत बेरोजगार युवाओं को ही मिल पाया है रोजगार, 99 फीसदी युवा निराश
रायपुर/ 29 मार्च 2026। रोजगार सृजन के मामले में भाजपा सरकार को पूरी तरह से नाकाम करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकारी दावों के विपरीत जमीनी हकीकत बेहद चिंताजनक हैं। प्रदेश में 16 लाख से अधिक युवा सरकारी नौकरी के लिए जिला रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत हैं, लेकिन सरकारी आंकड़ों में ही पिछले दो वर्षों में रोजगार मेला और प्लेसमेंट के माध्यम से इनमें से मात्र 15 हजार 579 युवाओं को ही रोजगार प्राप्त हो सका है, जो पंजीकृत कुल बेरोजगारों का मात्र एक प्रतिशत होता है, अर्थात 99 प्रतिशत पंजीकृत युवाओ को काम देने में यह सरकार नाकाम रही है। राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में लगभग सवा लाख से अधिक पद रिक्त है, 56 हजार पद तो केवल शिक्षा विभाग में खाली है, लेकिन यह सरकार दुर्भावना पूर्वक भर्तियां रोक रखी है। निजी क्षेत्र में भी युवाओं के लिए चुनौतियां कम नहीं है। रोजगार मेलों में नौकरियां कम और विज्ञापनबाजी ज्यादा है। कम वेतन, काम की अवधि अधिक और बगैर सुविधा के दूरदराज के स्थानों के कारण शोषण का शिकार युवा अस्वीकार कर रहे हैं, जिससे प्लेसमेंट मॉडल फ्लॉप हो गया है। बस्तर जैसे क्षेत्रों में रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण पलायन एक बड़ी समस्या बन गया है। सरकारी उपक्रमों में भी नियमित भर्ती के बजाय ठेकेदारी प्रथा से युवाओं का शोषण किया जा रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीगढ़ में 6 लाख से अधिक MSME इकाइयां हैं, जो 15-17 लाख लोगों को रोजगार देती थी, लेकिन आर्थिक अनिश्चितता और सरकार की गलत नीतियों के कारण एमएसएमई लगातार बंद हो रही हैं, नई नौकरी तो दूर, लगी लगाई नौकरियां छूट रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि विगत दो वर्षों में असंगठित क्षेत्र में भी रोजगार तेजी से घट रहे हैं, कोई नया इन्वेस्टमेंट नहीं आया उल्टे इस सरकार की गलत नीतियों से स्पंज आयरन, रोलिंग मिल और राइस मिल जैसे प्रमुख उद्योग बड़ी संख्या में बंद हुआ है जिससे भी रोजगार के अवसर कम हुए हैं, मनरेगा के काम अधिकांश क्षेत्रों में अघोषित तौर पर बंद है, भुगतान नहीं होने से सरकारी ठेके के काम बंद है, पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने बेरोजगारों के लिए सरकारी ठेका देने का जो काम शुरू किया था यह सरकार में हुआ योजना बंद कर दिया जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़े-लिखे युवाओ से काम छिन लिया गया। कृषि के बाद रियल स्टेट सबसे बड़ा रोजगार देने वाला सेक्टर है पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार ने छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री शुरू की और जमीनों की गाइडलाइन दरों में 30 परसेंट की छूट देकर रियल स्टेट सेक्टर को मजबूत किया था, भाजपा की सरकार आते ही छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री पर फिर से प्रतिबंध लग गया, गाइडलाईन दरों पर 30 प्रतिशत की छूट खत्म कर दी गई और गाइडलाइन दरों में औसतन 500 प्रतिशत की वृद्धि करके रियल स्टेट व्यवसाय की कमर तोड़ दी जिससे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर खत्म हो गए। गौठान समूह के साथ मिलकर महिला स्वयं सहायता समूह की बहने गोठान और रीपा परियोजना के तहत औद्योगिक गतिविधियों से संलग्न होकर आजीविका कमा रही थी, इस सरकार ने वह भी छीन लिया। भाजपा की सरकार युवा विरोधी है, इनकी नीतियां योजगार के अवसरों को ख़त्म करने वाली है।



