रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव 2028 को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अभी से अपनी सांगठनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य की सत्ता पर दोबारा मजबूत पकड़ बनाए रखने के लिए बीजेपी का सबसे बड़ा फोकस ग्रामीण अर्थव्यवस्था और अन्नदाताओं पर है। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने अपने किसान मोर्चा को एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, जिसके जरिए सीधे ग्रामीण मतदाताओं तक पैठ बनाई जा सके।
सांगठनिक योजना के अनुसार, बीजेपी किसान मोर्चा के पदाधिकारी और जमीनी कार्यकर्ता अब प्रदेशभर के गांवों में जाकर सीधे किसानों से संपर्क साधेंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को राज्य की विष्णुदेव साय सरकार द्वारा उनके हित में लिए गए बड़े फैसलों और संचालित की जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना है। इसके साथ ही, पार्टी कार्यकर्ता गांवों में चौपाल लगाकर किसानों से सीधा संवाद भी करेंगे और यह फीडबैक जुटाएंगे कि उन्हें इन सरकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर पूरा लाभ मिल रहा है या नहीं।
बीजेपी नेतृत्व ने इस विशेष अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में किसान मोर्चा के पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। अभियान के दौरान जहां एक तरफ सरकार की नीतियों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा, वहीं दूसरी तरफ किसानों की स्थानीय समस्याओं और उनकी उम्मीदों को भी समझने का प्रयास होगा ताकि आगामी चुनावी रोडमैप को और मजबूत किया जा सके। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि छत्तीसगढ़ की सियासत का रास्ता गांवों और खेतों से होकर ही गुजरता है, यही वजह है कि बीजेपी ने मिशन 2028 के लिए अभी से अपने सबसे मजबूत विंग को मैदान में उतारने का फैसला किया है।


