रायपुर:
नया रायपुर (अटल नगर) स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) और इंद्रावती भवन स्थित विभागाध्यक्ष कार्यालयों में पदस्थ करीब 3,500 सरकारी कर्मचारियों की मुश्किलें 1 नवंबर से बढ़ने जा रही हैं। राजधानी रायपुर से नया रायपुर के बीच कर्मचारियों को लाने-ले जाने वाली सिटी बस सेवा 31 अक्टूबर 2026 से पूरी तरह बंद हो जाएगी।
रायपुर नगर निगम ट्रांसपोर्ट लिमिटेड और नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) के बीच बसों के संचालन का वैकल्पिक अनुबंध समाप्त हो रहा है। इसके चलते पंजीयन विभाग सहित अन्य विभागों ने आधिकारिक आदेश जारी कर अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे 1 नवंबर से दफ्तर आने-जाने का इंतजाम अपने स्तर पर खुद करें।
बस संचालन और खर्च का पूरा गणित: आंकड़ों की जुबानी
रायपुर से नया रायपुर के बीच संचालित सिटी बस सेवा के आंकड़े इसकी उपयोगिता और भारी-भरकम खर्च दोनों को दर्शाते हैं। वर्तमान में इस व्यवस्था से रोजाना करीब 3,500 अधिकारी और कर्मचारी लाभान्वित हो रहे थे। नगर निगम के कुल 83 बसों के बेड़े में से 66 बसें विशेष रूप से नया रायपुर रूट पर कर्मचारियों को लाने-ले जाने के लिए तैनात की गई थीं।
इस परिवहन व्यवस्था पर हर महीने भारी-भरकम सरकारी बजट खर्च हो रहा था। ठेका कंपनी ‘दुर्गम्बा ट्रांजिट प्राइवेट लिमिटेड’ को प्रति कर्मचारी 3,066 रुपये मासिक की दर से भुगतान किया जा रहा था। इस हिसाब से निगम हर माह लगभग 1 करोड़ 7 लाख 31 हजार रुपये चुकाता था, जो सालाना आधार पर करीब 12 करोड़ 88 लाख रुपये (12.88 करोड़) का बैठता है। वर्ष 2012 में 10 साल के टेंडर पर खरीदी गई इन 100 बसों का मूल अनुबंध पहले ही खत्म हो चुका था और अब 31 अक्टूबर 2026 को वैकल्पिक व्यवस्था भी समाप्त हो रही है।
12.88 करोड़ खर्च के बाद भी सफर खटारा, अब बंद करने की तैयारी
रायपुर नगर निगम ट्रांसपोर्ट लिमिटेड ने 2012 में राज्य शासन के बजट से 100 बसों की खरीद की थी। इसका 10 साल का मूल अनुबंध 19 दिसंबर 2022 को ही खत्म हो चुका था। इसके बाद शासन के निर्देश पर कर्मचारियों की सुविधा बनाए रखने के लिए NRDA के साथ एकल फेरे (Single Trip) में वैकल्पिक समझौता कर संचालन जारी रखा गया था।
निगम प्रत्येक कर्मचारी के परिवहन के लिए निजी कंपनी को ₹3,066 प्रति माह का भुगतान करता आ रहा है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कर्मचारी लंबे समय से जर्जर और कंडम बसों में यात्रा करने को मजबूर थे। अब इस वैकल्पिक अवधि के भी समाप्त होने से बसों का पहिया पूरी तरह थमने जा रहा है।
कर्मचारियों में भारी आक्रोश: 25-30 किमी का सफर बनेगा सिरदर्द
बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक बस सेवा बंद करने के फरमान से कर्मचारियों में भारी नाराजगी है: रायपुर से नया रायपुर की दूरी 20 से 30 किलोमीटर है। बसें बंद होने से कर्मचारियों को निजी दोपहिया, चारपहिया या ऑटो-कैब का सहारा लेना पड़ेगा, जिससे मासिक बजट पर पेट्रोल और किराए का भारी बोझ पड़ेगा। सैकड़ों निजी वाहनों के अचानक सड़कों पर उतरने से रायपुर-नया रायपुर एक्सप्रेसवे और हाइवे पर ट्रैफिक का दबाव और हादसों की आशंका बढ़ेगी। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार को सिटी बसें बंद करने से पहले नई इलेक्ट्रिक बसें या कोई अन्य सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था शुरू करनी चाहिए थी, लेकिन कर्मचारियों को सीधे अपने भरोसे छोड़ दिया गया।
निगम आयुक्त का बयान
“बसों का वैकल्पिक अनुबंध 31 अक्टूबर को पूरी तरह समाप्त हो रहा है। ये बसें 2012 में खरीदी गई थीं और अब पूरी तरह कंडम हो चुकी हैं। संचालन बंद करने के संबंध में एनआरडीए को आधिकारिक पत्र लिख दिया गया है।”— संबित मिश्रा, आयुक्त, नगर निगम रायपुर
कर्मचारी संगठनों ने अब मुख्य सचिव और शासन से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है, ताकि 1 नवंबर से पहले किसी वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था को लागू कर राहत दी जा सके।


