मां चंद्रहासिनी देवी मंदिर , अब ‘शक्तिपीठ कॉरिडोर’ से संवरेगा चंद्रपुर का दरबार

विशेष संवाददाता | रायपुर

छत्तीसगढ़ प्रदेश की सबसे ऊँची चोटी ‘गौरलाटा’ के विकास और उसे पर्यटन स्थल का दर्जा देने को लेकर विधानसभा के मानसून सत्र में एक बड़ा खुलासा हुआ है। सामरी विधानसभा क्षेत्र में स्थित इस प्रसिद्ध प्राकृतिक स्थल को लेकर विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैकरा द्वारा पूछे गए ध्यानाकर्षण प्रश्न का लिखित जवाब देते हुए प्रदेश के पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सदन को वस्तुस्थिति से अवगत कराया।

पर्यटन मंत्री के जवाब से यह स्पष्ट हो गया है कि छत्तीसगढ़ की इस सबसे ऊँची चोटी को अभी तक शासकीय रिकॉर्ड में पर्यटन स्थल के रूप में चिन्हांकित नहीं किया गया है और इसके विकास के लिए प्रस्तावित ₹3.40 करोड़ का बजट भी अटक गया है।

ज्ञान भारतम् अभियान: छत्तीसगढ़ से पोर्टल पर दर्ज हुईं 1.24 लाख पांडुलिपियां; 453 प्रविष्टियां सत्यापित, 433 रिजेक्ट

बजट में नहीं मिली मंजूरी, जिला प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश

सदन में दी गई जानकारी के अनुसार, गौरलाटा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए जिला कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज से ₹3.40 करोड़ के विकास कार्यों का प्रस्ताव शासन को प्राप्त हुआ था। इसके बाद 20 जुलाई 2023 को विभागीय क्षेत्रीय अधिकारी के माध्यम से इसका स्थल परीक्षण भी कराया गया।

 पर्यटन मंत्री ने बताया कि यह प्रस्ताव वर्ष 2023-24 के अनुपूरक बजट में स्वीकृत नहीं हो सका। बजट में राशि स्वीकृत न होने के कारण अब जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे जिला स्तर पर उपलब्ध मदों, डी.एम.एफ. (DMF) या अन्य विभागीय योजनाओं के अंतर्गत यहाँ विकास कार्य कराने का प्रयास करें।

हाईकोर्ट का ऐतिहासिक आदेश:  छत्तीसगढ़ में सूख रही 19 नदियों के उद्गम स्थलों को बचाने के लिए बनेगी विशेष कमेटी,

नए पर्यटन स्थल के रूप में मान्यता मिलने में लगेगा समय

विधायक द्वारा गौरलाटा को नवीन पर्यटन स्थल के रूप में मान्यता देने और जिला स्तर से अनुशंसित किए जाने के सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया: जिला स्तरीय पर्यटन समिति द्वारा फिलहाल इसे चिन्हांकित करने हेतु अनुशंसा नहीं भेजी गई है और न ही इसे राज्य के पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल किया गया है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन से जब इसके लिए विधिवत प्रस्ताव प्राप्त होगा, तब नियमानुसार उसका परीक्षण कर नए पर्यटन स्थल के रूप में चिन्हांकित करने की कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में ‘धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026’ लागू: अवैध धर्मांतरण पर आजीवन कारावास और ₹25 लाख तक का जुर्माना, शादी भी होगी शून्य

मूलभूत सुविधाओं के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं

चोटी पर सड़क, पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल, सूचना केंद्र और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास की किसी भी योजना को फिलहाल शासन स्तर से स्वीकृति नहीं मिली है। मंत्री ने साफ किया कि जब योजना ही स्वीकृत नहीं है, तो कार्य पूर्ण करने की कोई समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version