रायपुर/30 जनवरी 2026। आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि यह टिप्पणी कि केवल फुटपाथ ठीक करने से शहर रहने योग्य नहीं होता, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर गंभीरता से काम होने चाहिए, गंभीर कमेंट इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्था, सुरक्षा और आद्योगिक विकास का मोदी मॉडल फेल हो चुका है, यह रिपोर्ट मोदी सरकार के पूंजीवादी नीतियों को यथार्थ का आईना दिखाने वाला है। आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में 2026-27 के लिए अनुमानित वृद्धि दर और कम रहने की आशंका जताई गई है, वर्तमान में 7.4 की तुलना में 6.8 से लेकर 7.2 तक रहने का अनुमान लगाया गया है। मनमोहन सिंह के नेतृत्व में यूपीए सरकार में 2013-14 में 13.4 प्रतिशत था लेकिन मोदी सरकार में घटकर लगभग आधा रह गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मोदी सरकार में विकास के नाम पर केवल गरीबी का विकास हुआ, महंगाई और भुखमरी का विकास हुआ, असमानता का विकास हुआ, गरीब और गरीब हो रहे, सत्ता के चहेते चंद पूंजीपतियों का विकास ही देश का विकास मान लिया गया है। थोक महंगाई दर में सबसे बड़ा घटक पेट्रोलियम उत्पाद है जिस पर सरकार जमकर मुनाफाखोरी कर रही है। 2014 की तुलना में क्रूड मिल आधे दाम पर है, फिर भी डीजल पेट्रोल की कीमतें डेढ़ गुना ज्यादा है पिछले 12 साल में 40 लाख करोड रुपए से ज्यादा मोदी सरकार में केवल डीजल पेट्रोल से जनता के जेब पर डकैती डाल कर कमाया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मोदी सरकार ने रक्षा के बजट में कटौती की, मनमोहन सिंह के अंतिम बजट में कुल बजट का 12.23 प्रतिशत था जिसे मोदी सरकार ने घटाकर 9.4 प्रतिशत कर दिया, स्वास्थ्य में कुल बजट का 2.24 प्रतिशत था जिसे घटा कर 1.9 प्रतिशत कर दिया गया, शिक्षा का बजट जो मनमोहन सरकार में 4.77 प्रतिशत था वह मोदी के बजट में मात्र 2.6 प्रतिशत रह गया है। पेट्रोलियम सब्सिडी मोदी सरकार ने पिछले बजट में 2600 करोड़ घटाया था, उर्वरक सब्सिडी 3412 करोड़ कम किए गए, डिजिटल इंडिया का नारा देने वाली मोदी सरकार ने आईटी और दूरसंचार का बजट सीधे 20 प्रतिशत काट दिया, पिछले बजट में 22571 करोड़ की कटौती की गई, खाद्य सब्सिडी में 1830 करोड़ की भारी भरकम कटौती मोदी सरकार ने पिछले बजट में किया था। भाजपा की सरकार का फोकस जनकल्याणकारी योजनाओं में नहीं है। छात्रवृत्ति, मध्यान भोजन, और छात्रावास जैसी योजनाओं में बजट प्रावधान का 40 प्रतिशत राशि खर्च ही नहीं की गई।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि मोदी सरकार में देश के संसाधन चंदपूंजीपति मित्रों पर लुटाये जा रहे है, 22 लाख करोड़ से अधिक के अमीरों के लोन राईट आफ किये गये, दूसरी तरफ 90 प्रतिशत एमएसएमई 3 साल भी सरवाइव नहीं कर पा रहे, देश पर कुल कर्ज का भार 4 गुना बढ़ गया है, यूएन करेंसी वैश्विक रूप से कमजोर होने के बावजूद रुपए के मुकाबले डॉलर 92 पार पहुंच गया है, आयकर छूट की सीमा 2014 में 2 लाख 50 हजार था, अब तक वही है, उल्टे उपकर (सेस) 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत हो गया है, 87 ए का रिबेट एक तय लिमिट तक ही है। इस सरकार के पास अर्थव्यवस्था सुधारने को ठोस उपाय नहीं है, महंगाई, बेरोजगारी, बढ़ती असमनता से आम जनता को वास्तविक राहत और रियायत देने के लिए कोई प्लान नहीं है।

