नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर कर्मचारी संगठनों ने सक्रियता बढ़ा दी है। कॉन्फेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉइज एंड वर्कर्स ने वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (Department of Expenditure) के सचिव को पत्र लिखकर 1 जुलाई 2026 से देय डीए और डीआर की अगली किस्त की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया है। संगठन की मांग है कि तय फॉर्मूले और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों के आधार पर कागजी कार्रवाई बिना किसी विलंब के पूरी की जाए।
‘अग्रिम भुगतान नहीं, बस प्रक्रिया में न हो देरी’
कॉन्फेडरेशन के महासचिव एम. एस. वेंकटेशन के हस्ताक्षर से भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि संगठन किसी अतिरिक्त लाभ या अग्रिम भुगतान की मांग नहीं कर रहा है। यूनियन का कहना है कि यह किस्त नियमों के तहत पहले से निर्धारित है। जैसे ही संबंधित सीपीआई आंकड़े उपलब्ध हों, सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्ताव प्रस्तुत कर औपचारिकताएं पूरी की जाएं, ताकि कर्मचारियों को सामान्य प्रक्रिया के तहत समय पर एरियर और वेतन का भुगतान मिल सके।
त्योहारी सीजन और महंगाई का दिया हवाला
कर्मचारी संगठन ने पत्र में कई अहम वजहें गिनाते हुए त्वरित निर्णय लेने की अपील की है। संगठन के अनुसार:
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आगामी महीनों में त्योहारी सीजन शुरू होने वाला है, जिसमें पारिवारिक खर्च का दबाव काफी बढ़ जाता है।
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बच्चों की शिक्षा और दैनिक घरेलू जरूरतों पर बढ़ती लागत से कर्मचारी वर्ग प्रभावित हो रहा है।
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यात्रा और परिवहन पर होने वाले खर्चों में भी लगातार इजाफा हुआ है।
वर्तमान में 60% है DA-DR, ऐसे बढ़ा ग्राफ
फिलहाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को जनवरी 2026 से 60 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भत्ते का बढ़ता ग्राफ महंगाई के दबाव को स्पष्ट दर्शाता है:
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जुलाई 2023: 46%
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जनवरी 2024: 50%
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जुलाई 2024: 53%
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जनवरी 2025: 55%
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जुलाई 2025: 58%
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जनवरी 2026: 60%
अंतिम फैसला सरकार के पाले में
यह मांग पत्र सामने आने के बाद लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें अब वित्त मंत्रालय और केंद्रीय कैबिनेट के फैसले पर टिक गई हैं। अंतिम निर्णय सरकार द्वारा सीपीआई-आईडब्ल्यू (CPI-IW) के आंकड़ों की विस्तृत समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा, जिसके बाद आधिकारिक अधिसूचना जारी होगी।

