रायपुर: छत्तीसगढ़ में शराब की निर्धारित दरों से अधिक कीमत वसूलने और अवैध मदिरा निर्माण के मामलों पर आबकारी विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ते और पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने लापरवाही और लचर निगरानी के आरोप में तीन आबकारी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि दो सहायक जिला आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस थमाकर जवाब तलब किया है।
कार्रवाई की पहली कड़ी में महासमुंद जिले की कम्पोजिट शराब दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में ओवररेटिंग का खेल पकड़ा गया। राज्य स्तरीय उड़नदस्ते ने बोगस ग्राहक भेजकर जब पड़ताल कराई, तो वहां तैनात दो सेल्समैनों ने 190 रुपये मूल्य की विदेशी मदिरा बैगपाइपर व्हिस्की के पव्वे 200-200 रुपये में बेचे। प्रत्येक पव्वे पर दस रुपये अतिरिक्त वसूलने की पुष्टि होने के बाद दोनों विक्रेताओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत अपराध दर्ज किया गया। दुकान और वृत्त के प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक नितेश सिंह बैस को इलाके में प्रभावी निगरानी न रखने और घोर लापरवाही के चलते निलंबित कर संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग कार्यालय अटैच कर दिया गया है। इसी मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी दीपक ठाकुर और अजय कुमार पाण्डेय को सात दिन में जवाब देने का नोटिस जारी किया गया है।
दूसरी बड़ी कार्रवाई उत्तर बस्तर कांकेर के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र में सामने आई, जहां ग्राम बसंत नगर में एक किराए के मकान से अवैध शराब निर्माण के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस छापे में 4,409 खाली बोतलें व पव्वे, विभिन्न ब्रांडों के 105 पत्ते स्टीकर व होलोग्राम, 3,380 ढक्कन और 30 नग भरी हुई मदिरा बरामद की गई।
इतने बड़े पैमाने पर अवैध मदिरा सामग्री की बरामदगी को क्षेत्र में तैनात अधिकारियों की घोर लापरवाही मानते हुए वृत्त प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक रानू मरकाम को तत्काल निलंबित कर कांकेर जिला कार्यालय अटैच किया गया है। इसके साथ ही सतत निगरानी और प्रभावी पर्यवेक्षण में विफल रहने पर कांकेर के प्रभारी सहायक जिला आबकारी अधिकारी मधुकर श्याम हरित पर भी गाज गिरी है। उन्हें निलंबित कर आबकारी आयुक्त कार्यालय, नवा रायपुर अटल नगर में मुख्यालय नियत किया गया है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि ओवररेटिंग और अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे और तेज होगा।



