नई दिल्ली: भारत में हर साल जानलेवा साबित होने वाले डेंगू बुखार के खिलाफ देश को पहली स्वीकृत वैक्सीन मिलने जा रही है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) से हरी झंडी मिलने के बाद जापानी फार्मा कंपनी ताकेडा (Takeda) की डेंगू वैक्सीन ‘क्यूडेंगा’ (QDENGA) वर्ष 2027 के शुरुआती छह महीनों में भारतीय बाजार में दस्तक देगी। कंपनी ने भारत में इसके प्रचार और एक्सक्लूसिव वितरण के लिए प्रमुख दवा निर्माता कंपनी डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज (Dr. Reddy’s Laboratories) के साथ करार किया है।
4 से 60 वर्ष के लोगों के लिए मंजूरी, बिना टेस्ट के लग सकेगी डोज
इस वैक्सीन की सबसे बड़ी खासियत इसका आसान उपयोग और व्यापक सुरक्षा दायरा है: डेंगू के चार मुख्य सीरोटाइप (प्रकार) होते हैं। यह वैक्सीन चारों प्रकार के वायरस के खिलाफ संपूर्ण सुरक्षा कवच प्रदान करती है।कई पुरानी टीकों के विपरीत, QDENGA लगवाने से पहले मरीज को यह जांच कराने की आवश्यकता नहीं होगी कि उसे पूर्व में कभी डेंगू का संक्रमण हुआ था या नहीं।
पात्रता दायरा: भारत में नियामक संस्था ने इसे 4 वर्ष के बच्चों से लेकर 60 वर्ष तक के वयस्कों के टीकाकरण के लिए मंजूरी दी है। शुरुआत में यह टीका निजी अस्पतालों और प्राइवेट मार्केट में उपलब्ध कराया जाएगा।
ट्रायल के नतीजे: साढ़े 4 साल बाद भी 84% हॉस्पिटलाइजेशन से बचाव
वैक्सीन के क्लिनिकल अध्ययनों में 80 हजार से अधिक लोगों को शामिल किया गया है, जिसके दीर्घकालिक परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे हैं: 4.5 साल के फॉलो-अप विश्लेषण के अनुसार, डेंगू संक्रमण को रोकने में इसकी प्रभावशीलता 61.2% दर्ज की गई। गंभीर स्थिति से बचाने और अस्पताल में भर्ती होने की नौबत को टालने में यह टीका 84.1% तक प्रभावी साबित हुआ है।
43 देशों में इस्तेमाल, भारत में कीमत पर मंथन
वर्ष 2022 में वैश्विक स्तर पर पेश किए जाने के बाद से अब तक यह वैक्सीन दुनिया के 43 देशों में स्वीकृत हो चुकी है और विश्वभर में इसकी 3.2 करोड़ से अधिक खुराकें दी जा चुकी हैं।
भारतीय बाजार में इसकी कीमत अभी घोषित नहीं की गई है। ताकेडा और डॉ. रेड्डीज का कहना है कि कीमत को किफायती और आमजन की पहुंच में रखने का प्रयास किया जाएगा, जिसका अंतिम निर्धारण लॉन्चिंग के समय तय होगा।

