छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार धमतरी जिले में 7 से 15 अगस्त 2026 तक राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में तृतीय चरण के अंतर्गत व्यापक सांस्कृतिक, शैक्षणिक और जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन ने इस गरिमामय आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
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सप्ताह भर होंगे विविध रचनात्मक और सांस्कृतिक आयोजन
जिले के शासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, ग्राम पंचायतों और सार्वजनिक स्थलों पर ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर आधारित गतिविधियां आयोजित की जाएंगी:
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प्रभातफेरी और सामूहिक गायन: जिले भर में प्रभात फेरियों का आयोजन होगा और बड़े पैमाने पर सामूहिक ‘वंदे मातरम्’ गायन किया जाएगा।
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प्रतियोगिताएं व संगोष्ठी: स्कूलों और कॉलेजों में देशभक्ति गीत, निबंध, भाषण, चित्रकला, रंगोली प्रतियोगिताएं, संगोष्ठियां और व्याख्यानमालाएं आयोजित होंगी।
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सांस्कृतिक रंग व लोक संस्कृति: स्थानीय लोक संस्कृति तथा छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े प्रेरक प्रसंगों को भी इन आयोजनों में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
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सामाजिक अभियान: वृक्षारोपण, स्वच्छता और जन-जागरूकता अभियानों के जरिए जन-जन को जोड़ा जाएगा।
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आजादी के अमृतकाल में राष्ट्रप्रेम का संदेश
‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता का अमर प्रतीक है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं, विद्यार्थियों और समाज के सभी वर्गों में राष्ट्रप्रेम, संवैधानिक मूल्यों और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाना है। सभी जनपद और ग्राम पंचायतों में “हर घर राष्ट्रभक्ति, हर मन वंदे मातरम्” की भावना के साथ व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि राष्ट्रीय एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचे।



