महिला दिवस 2026: सरकार का महिलाओं को खास तोहफा, इन 5 योजनाओं से बदलें अपनी दुनिया
: आज दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है। इस वर्ष का उत्सव केवल बीते कल के संघर्षों को याद करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के अधिकारों और न्याय के लिए एक ठोस आह्वान बन गया है। संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2026 के लिए एक सशक्त संदेश दिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य हर महिला और बालिका के सशक्तिकरण के लिए वास्तविक कार्रवाई करना है।
8 मार्च की इस ऐतिहासिक तारीख का संबंध साल 1917 के रूस से है, जब महिलाओं ने ‘रोटी और शांति’ की मांग को लेकर एक बड़ा आंदोलन शुरू किया था। उस समय के कैलेंडर के अनुसार वह 23 फरवरी का दिन था, जो अंतरराष्ट्रीय ग्रेगोरियन कैलेंडर के हिसाब से 8 मार्च बैठता है। इसी संघर्ष की याद में 1977 में संयुक्त राष्ट्र ने इसे आधिकारिक मान्यता दी थी।
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इस साल के वैश्विक अभियान की थीम “गिव टू गेन” रखी गई है। यह अभियान इस विचार पर आधारित है कि जब समाज और संस्थाएं महिलाओं के सपनों और उनकी सफलता में अपना समय और संसाधन साझा करते हैं, तो उसका लाभ पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों को मिलता है। यह आपसी सहयोग जेंडर इक्वालिटी की राह को और भी आसान बनाता है।
भारत में भी इस बदलाव की गूंज साफ सुनाई दे रही है। अब देश महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं के ‘लाभार्थी’ के रूप में नहीं देख रहा, बल्कि उन्हें आर्थिक और सामाजिक प्रगति की मुख्य शक्ति मान रहा है। आज का भारत ‘महिलाओं के विकास’ से आगे बढ़कर ‘महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास’ की ओर कदम बढ़ा चुका है। गाँवों की पंचायतों से लेकर बड़े उद्योगों और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक, महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी धाक जमा रही हैं।
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राजधानी नई दिल्ली में इस अवसर पर कार्यक्रमों की एक विशेष श्रृंखला आयोजित की जा रही है, जहाँ नीति निर्माता और विशेषज्ञ मिलकर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने वाली योजनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।
आसान लोन, स्वयं सहायता समूह और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम मिलकर एक ऐसा माहौल बना रहे हैं जहाँ हर लड़की अपने आने वाले कल को बीते हुए कल से बेहतर बना सके।
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