अगर आपके घर में बच्चे हैं और उनका आधार कार्ड बना हुआ है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) को लेकर अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 7 से 15 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों का बायोमेट्रिक विवरण 30 सितंबर 2026 तक आधार सेवा केंद्रों पर बिल्कुल मुफ्त अपडेट कराया जा सकता है। तय समयसीमा समाप्त होने के बाद अभिभावकों को इसके लिए निर्धारित शुल्क चुकाना होगा।
क्यों जरूरी है बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट?
उम्र बढ़ने के साथ बच्चों के शारीरिक लक्षणों, चेहरे और उंगलियों के निशानों में स्वाभाविक बदलाव आते हैं। इसी कारण यूआईडीएआई (UIDAI) के नियमानुसार बच्चों के आधार डेटा को दो मुख्य पड़ावों पर अपडेट कराना अनिवार्य है:
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पहला चरण: 5 वर्ष की आयु पूरी होने पर (5 से 7 वर्ष के भीतर)।
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दूसरा चरण: 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर (15 से 17 वर्ष के भीतर)।
अपडेट में क्या-क्या शामिल होगा?
इस प्रक्रिया के तहत आधार सेवा केंद्र पर बच्चे की मौजूदगी अनिवार्य होती है, जहाँ निम्नलिखित विवरण अपडेट किए जाते हैं:
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बच्चे की नवीनतम फोटोग्राफ
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सभी दस उंगलियों के फिंगरप्रिंट
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दोनों आंखों की पुतलियों (Iris) का स्कैन
शुल्क और समयसीमा के नियम
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30 सितंबर 2026 तक: 7 से 15 वर्ष के पात्र बच्चों के लिए यह सेवा पूरी तरह निशुल्क है।
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समयसीमा के बाद: 30 सितंबर की तारीख बीत जाने के बाद इस प्रक्रिया के लिए ₹125 का शुल्क देना पड़ सकता है।
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अनिवार्य स्लैब: 5 से 7 वर्ष और 15 से 17 वर्ष की निर्धारित आयु सीमा के भीतर सामान्य नियम के तहत यह अनिवार्य अपडेट पहले से ही निःशुल्क उपलब्ध रहता है।
कहाँ और कैसे कराएं अपडेट?
अभिभावक अपने बच्चे को साथ लेकर किसी भी नजदीकी अधिकृत आधार सेवा केंद्र या बैंक/डाकघर में स्थित आधार काउंटर पर जा सकते हैं। केंद्र पर ऑपरेटर द्वारा बच्चे का बायोमेट्रिक सत्यापन कर डेटा अपडेट कर दिया जाएगा। असुविधा और अतिरिक्त खर्च से बचने के लिए 30 सितंबर से पहले यह प्रक्रिया पूरी करा लें।


