रायपुर: छत्तीसगढ़ डाक परिमंडल में सेवाओं के विस्तार और प्रशासनिक सुगमता के लिए 25 वर्षों बाद ऐतिहासिक पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य में वर्तमान में संचालित 9 डाक संभागों (Postal Divisions) का पुनर्गठन कर 4 नए डाक संभाग गठित किए जा रहे हैं। नए बदलाव के बाद राज्य में कुल डाक संभागों की संख्या बढ़कर 13 हो जाएगी। इसका सीधा फायदा दूरस्थ वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग, पार्सल और डाक सेवाओं की पहुंच को मजबूत करने में मिलेगा।
इन संभागों का होगा विभाजन: बनेंगे 4 नए डाक संभाग
डाक विभाग के प्रशासनिक ढांचे को कसने के लिए बड़े जिलों और संभागों का पुनर्गठन इस प्रकार किया जा रहा है:
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दंतेवाड़ा संभाग: बस्तर और कांकेर संभाग के पुनर्गठन से नया दंतेवाड़ा संभाग बनेगा, जिससे दक्षिण बस्तर के अंदरूनी इलाकों में सेवाओं की निगरानी आसान होगी।
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गरियाबंद संभाग: रायपुर संभाग के कार्यक्षेत्र का विभाजन कर गरियाबंद को नया डाक संभाग बनाया जा रहा है।
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कोरबा संभाग: बिलासपुर संभाग से अलग कर औद्योगिक जिले कोरबा को स्वतंत्र डाक संभाग का दर्जा दिया जा रहा है।
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कोरिया-एमसीबी संभाग: सरगुजा संभाग का विभाजन कर कोरिया और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) को मिलाकर नया संभाग गठित किया जा रहा है।
दूरस्थ गांवों तक बैंकिंग और डाक सेवाओं का विस्तार मुख्य लक्ष्य
विभागीय स्तर पर नए संभागों के गठन की प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से जारी है:
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प्रशासनिक कामकाज में तेजी: डाक संभागों का दायरा छोटा और सुव्यवस्थित होने से डाक वितरण, रजिस्ट्री, स्पीड पोस्ट और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) की वित्तीय सेवाओं की मॉनिटरिंग अधिक प्रभावी होगी।
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डीजी पोस्ट ने दिया था संकेत: 14 मई को छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान डाक महानिदेशक जितेंद्र गुप्ता ने बस्तर और सरगुजा के अंतिम छोर तक आधुनिक डाक सेवाओं के विस्तार पर विशेष बल दिया था। यह पुनर्गठन उसी कार्ययोजना का अहम हिस्सा है।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल: नए संभागों के गठन से सुदूर वनांचल क्षेत्रों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा सरकारी योजनाओं के डीबीटी (DBT) भुगतान में तेजी आएगी।

