स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की जेलों में बंद और अच्छा आचरण दिखाने वाले कैदियों के लिए नई शुरुआत का मार्ग प्रशस्त हुआ है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार प्रदेश की पांच केंद्रीय जेलों से कुल 100 सजायाफ्ता कैदियों को समय पूर्व रिहा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रायपुर सेंट्रल जेल से आज 9 बंदियों को रिहा किया गया, जो हाथों में श्रीमद्भगवद्गीता थामे और समाज की मुख्यधारा में लौटने की उम्मीद लेकर जेल की चारदीवारी से बाहर निकले।
प्रदेश की बिलासपुर सेंट्रल जेल से सर्वाधिक 48, रायपुर से 20, दुर्ग से 16, अंबिकापुर से 8 और जगदलपुर सेंट्रल जेल से 9 कैदियों को रिहा किया जा रहा है। अंबिकापुर सेंट्रल जेल से भी 14-15 साल से आजीवन कारावास काट रहे 8 कैदियों को उनके बेहतरीन व्यवहार और अनुशासन के आधार पर जेल नियमावली की धारा 358 के तहत रिहा किया गया। इस मौके पर परिजनों और जेल प्रशासन के बीच बेहद भावुक माहौल देखने को मिला।
रिहाई की यह पूरी प्रक्रिया संबंधित जिले के कलेक्टर और जेल अधीक्षक की समीक्षा रिपोर्ट तथा बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर पूरी की गई है। जेल प्रशासन द्वारा रिहा हुए बंदियों को उनके द्वारा जेल में किए गए कार्यों की पारिश्रमिक राशि का भुगतान सीधे उनके बैंक खातों और चेक के माध्यम से किया गया। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले मिली इस आजादी से कैदियों और उनके परिवारों के चेहरों पर खुशी और राहत साफ नजर आ रही है।

