नई दिल्ली:
राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले नागरिकों को बेहतर और स्वच्छ सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ा रुख अपनाया है। प्राधिकरण ने टोल प्लाजा पर स्थित शौचालय खंडों, टोल बूथों, साइन बोर्ड्स और आसपास के क्षेत्रों के रख-रखाव के लिए एक अधिक सख्त निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था लागू की है।
इस नागरिक-केंद्रित पहल का मुख्य उद्देश्य यूजर फी (टोल) संग्रहण एजेंसियों की जवाबदेही तय करना और सार्वजनिक उपयोग की अवसंरचनाओं में निर्धारित सेवा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराना है।
साप्ताहिक निरीक्षण और ‘डेटा लेक पोर्टल’ पर अपलोड होंगी तस्वीरें
नई व्यवस्था के तहत टोल संग्रहण एजेंसियों के लिए शौचालयों और अन्य जनसुविधाओं का उच्च स्तरीय रख-रखाव अनिवार्य कर दिया गया है।
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हफ्ते में एक बार औचक निरीक्षण: NHAI के अधिकारी सप्ताह में कम से कम एक बार इन सुविधाओं का मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे।
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तारीख वाली तस्वीरों के साथ नोटिस: निरीक्षण में किसी भी प्रकार की गंदगी या कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नोटिस के साथ तारीख और समय वाली तस्वीरें NHAI के ‘डेटा लेक पोर्टल’ पर अपलोड की जाएंगी।
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सुधार का प्रमाण देना अनिवार्य: संबंधित एजेंसी को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कमियों को दूर करना होगा और सुधार कार्य की पुष्टि करने वाली नई तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। NHAI की क्षेत्रीय इकाइयां इसकी प्रत्यक्ष निगरानी करेंगी।
10% नोटिस पर ‘नॉन-परफॉर्मर’ घोषित होंगी एजेंसियां, टेंडर से होंगी बाहर
लापरवाही बरतने वाली और कमियों को समय पर दूर न करने वाली एजेंसियों पर NHAI ने भारी दंड और ब्लैकलिस्टिंग जैसे कड़े प्रावधान किए हैं:
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वित्तीय जुर्माना: अनुबंध की शर्तों और सेवा मानकों के उल्लंघन पर मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत सीधे वित्तीय दंड लगाया जाएगा।
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बिडिंग से बाहर: यदि किसी एजेंसी द्वारा संचालित कुल टोल प्लाजा में से 10 प्रतिशत या उससे अधिक प्लाजा पर अनसुलझी कमियों के नोटिस लंबित रहते हैं, तो उस एजेंसी को ‘अनिष्पादक’ (नॉन-परफॉर्मर) घोषित कर दिया जाएगा।
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15 दिनों का बैन: ऐसी दागी एजेंसियां 15 दिनों तक या सभी लंबित कमियों का पूर्ण निवारण होने तक, किसी भी टोल प्लाजा टेंडर, सिविल कार्य या NHAI की अन्य निविदाओं में बोली लगाने के लिए अपात्र मानी जाएंगी।
यह व्यवस्था सार्वजनिक वित्तपोषित टोल प्लाजा और उन सभी बूथों पर तुरंत प्रभाव से लागू होगी जहां NHAI द्वारा एजेंसियां नियुक्त की गई हैं।
‘राजमार्गयात्रा’ ऐप पर गंदे शौचालय की फोटो भेजो, पाओ ₹1,000 का फास्टैग रिचार्ज
यात्रियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए NHAI अपनी लोकप्रिय पहल ‘स्वच्छ शौचालय चित्र चुनौती’ को भी नई व्यवस्था से जोड़ रहा है। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले यात्री टोल प्लाजा के अस्वच्छ शौचालयों की जियो-टैग और टाइम-स्टैम्प्ड तस्वीरें सीधे ‘राजमार्गयात्रा’ (Rajmargyatra) मोबाइल ऐप पर अपलोड कर सकते हैं।
शिकायत सही पाए जाने पर सूचना देने वाले वाहन पंजीकरण नंबर को FASTag रिचार्ज के रूप में ₹1,000 (एक हजार रुपये) का पुरस्कार दिया जाता है। डिजिटल दस्तावेजीकरण, जनभागीदारी और प्रशासनिक सख्ती के जरिए NHAI का लक्ष्य यात्रियों को विश्वस्तरीय और स्वच्छ हाईवे अनुभव प्रदान करना है।



