रायपुर। विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति की अनिवार्यता को लेकर छत्तीसगढ़ शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ ने सरकार और शिक्षा विभाग के समक्ष गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। संघ ने स्पष्ट कहा है कि शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की कार्यप्रणाली सामान्य शिक्षकों से अलग होती है, इसलिए उन पर एक जैसी उपस्थिति व्यवस्था लागू करना व्यावहारिक नहीं है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष रितेश सिंह एवं प्रदेश सचिव मृत्युंजय शर्मा ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि शारीरिक शिक्षा शिक्षक पूरे वर्ष खेल मैदानों, अभ्यास सत्रों, जिला एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं, विभागीय आयोजनों तथा विभिन्न प्रशासनिक दायित्वों में व्यस्त रहते हैं। कई बार उनकी ड्यूटी मूल विद्यालय से दूर अन्य स्थानों पर लगाई जाती है। ऐसे में केवल VSK ऐप पर उपस्थिति दर्ज करने के लिए उन्हें प्रतिदिन विद्यालय पहुंचने के लिए बाध्य करना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि उनके कार्य में अनावश्यक बाधा भी उत्पन्न करता है।
संघ ने कहा कि व्यायाम शिक्षक फील्ड ड्यूटी (Field Duty) पर आधारित कार्य करते हैं। उनका अधिकांश समय विद्यार्थियों के खेल प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं के संचालन और विभागीय जिम्मेदारियों के निर्वहन में बीतता है। इसलिए उनकी उपस्थिति व्यवस्था भी उनकी कार्य-प्रकृति के अनुरूप बनाई जानी चाहिए।
संघ पदाधिकारियों ने शासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग से मांग की है कि शारीरिक शिक्षा शिक्षकों को VSK ऐप से विद्यालय आधारित अनिवार्य उपस्थिति की बाध्यता से छूट प्रदान की जाए तथा उनके लिए पृथक और व्यावहारिक व्यवस्था लागू की जाए।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर और व्यावहारिक समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो प्रदेशभर के शारीरिक शिक्षा शिक्षक अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और शिक्षा विभाग की होगी।


