छत्तीसगढ़ में वार्षिक परीक्षा 2025–26 की तैयारी अब तेज हो गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने कक्षा 1 से 11वीं तक होने वाली वार्षिक परीक्षाओं के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं, जिनके बाद सभी जिलों में परीक्षा संबंधी प्रक्रियाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारियों पर आ गई है।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि सत्र 2025–26 की वार्षिक परीक्षा का संचालन सभी शासकीय, अनुदान प्राप्त, अशासकीय और स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में समान रूप से किया जाएगा। इसके लिए जिला स्तरीय संचालन समिति, प्रश्नपत्र निर्माण समिति और मॉडरेशन समिति का गठन 5 फरवरी 2026 तक अनिवार्य कर दिया गया है। कक्षा 1 से 11वीं तक की परीक्षाएं एक समान ब्लूप्रिंट के आधार पर होंगी, ताकि पूरे जिले में मूल्यांकन की एकरूपता बनी रहे।
पाठ्यक्रम के संदर्भ में संचालनालय ने निर्देश दिया है कि कक्षा 1 से 8 तक की परीक्षा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के निर्धारित पाठ्यक्रम के आधार पर और कक्षा 9, 10 एवं 11वीं की परीक्षा छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) के पाठ्यक्रम के आधार पर ही आयोजित की जाए। सभी कक्षाओं में व्यावहारिक कार्य और परियोजनाएं 5 मार्च 2026 तक पूर्ण कर लेने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रश्नपत्र निर्माण प्रक्रिया भी निश्चित समय-सारिणी के तहत पूरी होगी। ब्लूप्रिंट के आधार पर तैयार तीन सेट प्रश्नपत्रों को 15 फरवरी 2026 तक अंतिम रूप दिया जाएगा और इनका मॉडरेशन 20 फरवरी 2026 तक होगा। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रश्नपत्रों को सीलबंद कर 25 फरवरी 2026 तक सुरक्षित रख लिया जाएगा। प्रश्नपत्रों का वितरण 20 मार्च 2026 तक कर दिया जाएगा, ताकि परीक्षा केंद्रों तक समय पर सामग्री पहुँचे और कोई व्यवधान न हो।
वार्षिक परीक्षाएं 25 मार्च 2026 से 10 अप्रैल 2026 के बीच आयोजित की जाएंगी। विस्तृत टाइम-टेबल जिला स्तर से जारी किया जाएगा। परीक्षा समाप्त होते ही उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन स्थानीय स्तर पर विषयवार शिक्षकों द्वारा कराया जाएगा। यह काम 20 अप्रैल 2026 तक पूरा करने के निर्देश हैं। मूल्यांकित अंकों की प्रविष्टि 25 अप्रैल 2026 तक और परीक्षा परिणाम 30 अप्रैल 2026 को घोषित किए जाएंगे।
इस बार कक्षा 1 से 8 तक के लिए 20 प्रतिशत आंतरिक मूल्यांकन और 80 प्रतिशत वार्षिक परीक्षा के आधार पर परिणाम तैयार होगा। वहीं कक्षा 9 और 11वीं में 30 प्रतिशत आंतरिक एवं 70 प्रतिशत वार्षिक परीक्षा के अंकों को शामिल किया जाएगा। संचालनालय ने परीक्षा केंद्रों में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष बल दिया है। छात्रों को परीक्षा में किसी भी प्रकार की अनावश्यक सामग्री लाने की अनुमति नहीं होगी, जबकि शिक्षकों को मूल्यांकन के दौरान पूर्ण निष्पक्षता का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलों को यह भी कहा गया है कि पिछली कक्षा में कठिनाई महसूस करने वाले या कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिरिक्त मार्गदर्शन और तैयारी का समय दिया जाए, ताकि कोई भी बच्चा केवल कमजोर आधार के कारण सीखने की प्रक्रिया से बाहर न हो जाए।
इन विस्तृत दिशानिर्देशों के जारी होने के बाद अब प्रदेश भर के विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा की तैयारियां तेज हो गई हैं और शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय-सीमा का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।



