रायपुर/बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के सियासी परिदृश्य में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने और संगठन के विस्तार में जुट गई है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री और आरपीआई प्रमुख रामदास अठावले ने कहा है कि उनकी पार्टी प्रदेश में सभी वर्गों और समाजों को एकजुट कर संगठन को मजबूत करेगी। इसके साथ ही उन्होंने बड़ा सियासी संकेत देते हुए कहा कि राज्य में पार्टी का जनाधार बढ़ने के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के तहत भारतीय जनता पार्टी (BJP) से 4 से 5 सीटों पर चुनावी तालमेल को लेकर बातचीत की जा सकती है।
अठावले ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में पार्टी सतनामी, दलित, आदिवासी, पिछड़े और सामान्य वर्ग सहित सभी समाजों को साथ लेकर आगे बढ़ेगी। उन्होंने भाजपा के साथ अपने पुराने राजनीतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए बताया कि वे पहले भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ छत्तीसगढ़ में चुनावी प्रचार कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल पहला लक्ष्य संगठन को खड़ा करना है। संगठन मजबूत होने के बाद चुनावी परिस्थितियों और राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए सीटों के तालमेल पर औपचारिक फैसला लिया जाएगा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल पर केंद्रीय मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी विपक्ष में रहकर अच्छा काम कर रहे हैं और उन्हें फिलहाल विपक्ष के नेता की ही भूमिका निभानी चाहिए। अठावले ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों की आलोचना करने का अधिकार सभी को है, लेकिन राहुल गांधी को तथ्यों से परे जाकर झूठ बोलने से बचना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना को खारिज करते हुए दावा किया कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में भी देश की जनता नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर ही भरोसा जताएगी।
छत्तीसगढ़ में आरपीआई के सक्रिय होने और गठबंधन की संभावनाओं ने राज्य के सियासी गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है। हालांकि, अठावले ने साफ कर दिया है कि गठबंधन को अंतिम रूप देने से पहले पार्टी अपने सांगठनिक ढांचे को जमीनी स्तर पर धार देगी, जिसके बाद ही सीटों के बंटवारे की टेबल पर बात आगे बढ़ेगी।

