**रायपुर (विशेष संवाददाता):
छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों में पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता की आदतें विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों तथा भारत सरकार के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के परिपालन में प्रदेश के स्कूलों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने विस्तृत आदेश जारी कर दिए हैं।
लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा सभी संभागों के संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यालयों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों का अनिवार्य रूप से संचालन सुनिश्चित करें।
स्कूली पाठ्यक्रम में होगा समावेश:
विद्यालयीन पाठ्यक्रम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कचरे का स्रोत पर पृथक्करण (Segregation), 3R सिद्धांत (Reduce, Reuse, Recycle), कम्पोस्टिंग और सिंगल यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल पर रोक जैसे विषयों को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
हरित परिसर’ व स्वच्छता अभियान:
प्रदेश के सभी स्कूलों में नियमित रूप से स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और अपशिष्ट पृथक्करण का अभ्यास कराया जाएगा।
ब्लॉक व जिला स्तर पर होंगी प्रतियोगिताएं:
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन विषय पर छात्र-छात्राओं के लिए निबंध, भाषण, पोस्टर मेकिंग, मॉडल निर्माण और स्वच्छता प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर सम्मान:
इन गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को जिला व राज्य स्तर पर पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया जाएगा।
प्राचार्य होंगे नोडल अधिकारी:
कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, निगरानी और नियमित रिपोर्टिंग के लिए प्रत्येक विद्यालय के संस्था प्रमुख (Principal/Headmaster) को पदेन नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
कड़ाई से पालन के निर्देश
शासन ने स्पष्ट किया है कि सभी जिला शिक्षा अधिकारी नगरीय निकायों और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर काम करेंगे। साथ ही, इन गतिविधियों की अनुपालन एवं प्रगति रिपोर्ट अनिवार्य रूप से संचालनालय को प्रेषित करनी होगी।


