रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की TET अनिवार्यता का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। शिक्षा विभाग की अहम बैठक में TET का मुद्दा औपचारिक एजेंडे में शामिल नहीं होने के बावजूद शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रभावित शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर सरकार की सोच स्पष्ट की। मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है।

मंत्री के बयान के बाद शिक्षक साझा मंच ने सरकार के रुख को सकारात्मक संकेत बताया है, लेकिन साथ ही पदोन्नति के मामले में तत्काल निर्णय लेने की मांग की है।

मंत्री का बयान सकारात्मक, लेकिन समाधान अधूरा : शिक्षक साझा मंच

शिक्षक साझा मंच ने कहा कि शिक्षा मंत्री ने जिस तरह प्रभावित शिक्षकों की व्यावहारिक कठिनाइयों को समझते हुए विभागीय TET जैसे विकल्प पर विचार करने की बात कही है, वह स्वागत योग्य है। मंच का कहना है कि सरकार यदि वास्तव में शिक्षकों की सेवा सुरक्षा को लेकर गंभीर है तो यही बात मंत्री स्वयं शिक्षक प्रतिनिधिमंडल के सामने स्पष्ट रूप से रखें।

मंच ने कहा कि “जो बात माननीय शिक्षा मंत्री ने बैठक में कही है, वही बात यदि हमारे प्रतिनिधिमंडल के सामने आकर कह दी जाए और साथ ही पदोन्नति प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाकर वर्तमान व्यवस्था के आधार पर पदोन्नति देने का निर्णय लिया जाए, तो शिक्षक साझा मंच सरकार के इस रुख से संतुष्ट होगा।”

“हम हड़ताल नहीं करना चाहते, स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं”

शिक्षक साझा मंच ने स्पष्ट किया कि शिक्षक हड़ताल नहीं करना चाहते। मंच के अनुसार शिक्षकों की पहली प्राथमिकता बच्चों को पढ़ाना और विद्यालयों में अपनी जिम्मेदारी निभाना है।

मंच ने कहा, “हम हड़ताल नहीं करना चाहते। हम स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं। हड़ताल से हमारा कोई व्यक्तिगत लाभ नहीं है, बल्कि इससे शिक्षक और विद्यार्थी दोनों प्रभावित होते हैं। लेकिन जब बात हमारे परिवार और हमारी रोजी-रोटी पर आएगी, जब बात हमारे रोजगार और सेवा सुरक्षा और वरिष्ठता की होगी, तब हम अपने अधिकारों के लिए पूरी तरह तत्पर रहेंगे।”

प्रमोशन में TET को लेकर चिंता बरकरार

शिक्षक साझा मंच का कहना है कि सेवा सुरक्षा के विकल्पों पर सरकार की ओर से विचार किए जाने से प्रभावित शिक्षकों में उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन पदोन्नति में TET की अनिवार्यता को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।

मंच ने सरकार से मांग की है कि पदोन्नति प्रक्रिया को तत्काल रोका जाए और शिक्षकों की वरिष्ठता एवं वर्तमान व्यवस्था के आधार पर पदोन्नति का रास्ता साफ किया जाए। मंच का कहना है कि सेवा सुरक्षा और पदोन्नति दोनों मुद्दे एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए किसी एक विषय पर राहत देकर दूसरे को लंबित रखना शिक्षकों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।

सरकार से बातचीत के लिए तैयार

शिक्षक साझा मंच ने संकेत दिया है कि यदि सरकार सकारात्मक पहल करती है और शिक्षक प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद कर ठोस समाधान की दिशा में आगे बढ़ती है, तो मंच भी आंदोलन के बजाय बातचीत को प्राथमिकता देगा।

तमिलनाडु के निर्णय पर शिक्षक साझा मंच का बयान

तमिलनाडु में TET को लेकर आए निर्णय से यह स्पष्ट है कि सेवारत शिक्षकों के हितों और सेवा सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। छत्तीसगढ़ सरकार को भी तमिलनाडु के निर्णय का अध्ययन कर अपने हजारों सेवारत शिक्षकों के लिए न्यायपूर्ण रास्ता निकालना चाहिए।

Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version