World Elephant Day:: Climate Hero’ हाथियों का ‘Central Hub’ बना छत्तीसगढ़: 4 राज्यों को जोड़ता महा-गलियारा, जानिए क्यों ‘इकोसिस्टम इंजीनियर’ कहलाते हैं हाथी (Faizan ashraf)
विशेष रिपोर्ट
नई दिल्ली। विश्व हाथी दिवस 2026 के अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने हाथियों और मनुष्यों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व व साझा भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए भारत की मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए संदेश में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में हाथियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में भारत के 14 राज्यों में 33 हाथी अभयारण्य (Elephant Reserves) स्थापित हैं, जो हाथियों को एक सुरक्षित प्राकृतिक वातावरण प्रदान कर रहे हैं।
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हाथियों की निर्बाध आवाजाही को सुनिश्चित करने के लिए सरकार के प्रयासों को रेखांकित करते हुए श्री यादव ने बताया कि देश में वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित 150 हाथी गलियारे (Elephant Corridors) चिन्हित किए गए हैं। ये कॉरिडोर विभिन्न राज्यों और जंगलों के बीच हाथियों के पारंपरिक माइग्रेशन रूट को सुरक्षित बनाते हैं, जिससे वे बिना किसी बाधा के एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में आ-जा सकें। इसके साथ ही देश में हाथी संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई आधुनिक कदम उठाए गए हैं, जिनमें नवीनतम वैज्ञानिक तकनीकों के माध्यम से उन्नत जनसंख्या निगरानी और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा हेतु कड़े सुरक्षा उपाय शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, “हाथियों के भविष्य को सुरक्षित करके ही हम अपने जंगलों, जैव विविधता और पर्यावरण विरासत को सुरक्षित कर सकते हैं।”
इसी अवसर पर केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने भी सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि दुनिया के लगभग 60 प्रतिशत जंगली एशियाई हाथी भारत में रहते हैं, जो उन्हें देश की पारिस्थितिक विरासत का जीवंत प्रतीक बनाते हैं। श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत के हाथी अभ्यारण्य देश की संरक्षण प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। उन्होंने हाथियों को ‘परितंत्र का अभिरक्षक’ बताते हुए कहा कि जब हाथी जंगलों में घूमते हैं तो वे बीजों का प्रसार करते हैं, जिससे नए पौधे उगते हैं और प्रकृति का संतुलन बना रहता है। अंत में उन्होंने इस विशालकाय जीव की रक्षा के लिए सभी नागरिकों से एकजुट होने का आह्वान किया।
https://x.com/KVSinghMPGonda/status/2087402684429353348

