नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में H1N1 संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने लोगों से फ्लू जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील की है। मंत्रालय ने सलाह दी है कि अगर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द या अन्य लक्षण लगातार बने रहें तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर डॉक्टर से सलाह लें। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) की वेबसाइट पर भी मौसमी इन्फ्लूएंजा और H1N1 से संबंधित दिशानिर्देश उपलब्ध हैं।
दिल्ली में H1N1 के 1,777 मामले
बताया गया है कि दिल्ली में इस साल इन्फ्लूएंजा A के 2,392 मामले सामने आए हैं, जिनमें 1,777 मामले H1N1 संक्रमण के हैं। एक दिन में 114 नए मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 21 अगस्त को दिल्ली में इन्फ्लूएंजा और वेक्टर जनित बीमारियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा भी की थी।
ये हैं H1N1 के प्रमुख लक्षण
स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह के मुताबिक, लोगों को फ्लू जैसे लक्षणों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इनमें शामिल हैं—
- बुखार
- खांसी
- गले में खराश
- सिरदर्द
- नाक बहना
- शरीर में दर्द
- थकान
- भूख न लगना
- जी मिचलाना और उल्टी
- जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द
- दस्त
अगर ये लक्षण लगातार बने रहते हैं या स्थिति बिगड़ती है, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
संक्रमित व्यक्ति के संपर्क से फैल सकता है H1N1
H1N1 संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली सांस की बूंदों के जरिए फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के नजदीकी संपर्क में आने से भी संक्रमण का खतरा रहता है। इसलिए फ्लू जैसे लक्षण वाले व्यक्ति को दूसरों के संपर्क में आने से बचना चाहिए।
मास्क और हाथों की सफाई जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए बीमार होने पर घर पर रहना, खांसते या छींकते समय मुंह-नाक ढकना और नियमित रूप से हाथ धोना महत्वपूर्ण है। सांस से जुड़ी तकलीफ होने पर भीड़भाड़ वाली बंद जगहों में जाने से बचना चाहिए। यदि जाना जरूरी हो तो मास्क का इस्तेमाल संक्रमण के प्रसार को कम करने में मदद कर सकता है।
सरकार ने भी जारी की एडवाइजरी
दिल्ली सरकार ने लोगों से H1N1 से बचाव के लिए सावधानी बरतने और समय पर इलाज कराने की अपील की है। लोगों को सलाह दी गई है कि खांसते और छींकते समय नाक-मुंह ढकें, नियमित रूप से हाथ धोएं और लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करें। बिना चिकित्सकीय सलाह के दवाएं लेने से भी बचने को कहा गया है।
स्वास्थ्य मंत्रालय और NCDC की मौसमी इन्फ्लूएंजा संबंधी गाइडलाइंस में H1N1 के मरीजों की देखभाल, मास्क के इस्तेमाल और मरीजों की श्रेणी तय करने से जुड़े दिशानिर्देश भी उपलब्ध हैं।
हर खांसी या बुखार H1N1 नहीं होता। लक्षणों के आधार पर खुद से बीमारी या दवा तय करने के बजाय जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।


