नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने देश के तीन राज्यों में हुई लापरवाही की घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि मीडिया रिपोर्ट सही हैं, तो यह सीधे तौर पर आम नागरिकों और बच्चों के मानवाधिकारों का हनन है। इन तीनों मामलों में आयोग ने दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है।
गुजरात: हॉस्टल में फूड पॉइजनिंग से 57 छात्राएं बीमार
अहमदाबाद के मेमनगर इलाके में 5 अप्रैल को एक हॉस्टल में दूषित भोजन करने से लगभग 57 लड़कियां बीमार पड़ गईं। छात्राओं को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। आयोग ने इस मामले में गुजरात के मुख्य सचिव और अहमदाबाद पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर छात्राओं के स्वास्थ्य और दोषियों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है।
बिहार: स्कूल के शौचालय में शराब, छात्र ने शीतल पेय समझकर पी
बिहार के बेगूसराय में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया, जहाँ चौथी कक्षा के एक मासूम छात्र ने स्कूल के जर्जर शौचालय में छिपाकर रखी गई अवैध शराब को कोल्ड ड्रिंक समझकर पी लिया। पुलिस ने स्कूल के शौचालय से 204 लीटर शराब जब्त की है। शराबबंदी वाले राज्य में स्कूल के भीतर इतनी बड़ी मात्रा में शराब मिलना सुरक्षा और प्रबंधन पर बड़े सवाल खड़े करता है। आयोग ने बिहार के मुख्य सचिव और डीजीपी से बच्चे की सेहत और इस गंभीर लापरवाही पर जवाब मांगा है।
झारखंड: स्टील प्लांट में विस्फोट, एक की मौत और सात घायल
झारखंड के रामगढ़ में एक निजी स्टील प्लांट की भट्ठी में हुए जोरदार विस्फोट ने एक श्रमिक की जान ले ली, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक जांच में विस्फोट का कारण तकनीकी खराबी या सुरक्षा मानकों की अनदेखी बताया जा रहा है। आयोग ने झारखंड सरकार से घायलों के इलाज और मृतक के परिवार को दिए गए मुआवजे पर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।

