दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) ने छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए बिलासपुर से इंदौर के बीच सीधी वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की योजना बनाई है। इसके लिए रेलवे जोन ने दो मौजूदा वंदे भारत ट्रेनों के विलय (Merge) का विस्तृत प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा है। बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद यात्रियों को नागपुर में ट्रेन बदलने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।
दो ट्रेनों का होगा विलय
प्रस्ताव के अनुसार, वर्तमान में संचालित दो अलग-अलग वंदे भारत सेवाओं को जोड़कर एक सीधी सेवा बनाई जाएगी: ट्रेन संख्या 20825/20826: बिलासपुर–नागपुर–बिलासपुर वंदे भारतट्रेन संख्या 20911/20912: इंदौर–नागपुर–इंदौर वंदे भारत दोनों को मिलाकर ‘बिलासपुर–इंदौर–बिलासपुर’ वंदे भारत एक्सप्रेस के रूप में चलाया जाएगा।
हफ्ते में 6 दिन का प्रस्तावित शेड्यूल
यह सीधी ट्रेन शनिवार को छोड़कर सप्ताह में 6 दिन चलेगी। दोनों रैक के जरिए संचालन इस प्रकार विभाजित होगा:
पहला रैक (20825/20826): बिलासपुर से रविवार, मंगलवार और गुरुवार को; इंदौर से सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को रवाना होगी।
दूसरा रैक (20911/20912): इंदौर से मंगलवार, गुरुवार और रविवार को; बिलासपुर से सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को चलेगी।
यात्रियों को फायदे और परिचालन लाभ
इंदौर और उज्जैन की ओर जाने वाले यात्रियों को नागपुर स्टेशन पर ट्रेन बदलकर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।विलय के बाद भी दोनों ट्रेनों के पुराने सभी स्टॉपेज यथावत रहेंगे और इसके लिए किसी अतिरिक्त रैक की जरूरत नहीं होगी। नागपुर स्टेशन पर ट्रेनों की प्लेटफॉर्म होल्डिंग टाइमिंग में कमी आएगी, जिससे स्टेशन पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा।
अन्य ट्रेनों के समय में मामूली बदलाव
नई वंदे भारत को रास्ता देने के लिए कुछ ट्रेनों के समय में हल्का बदलाव प्रस्तावित है:
22816 एर्नाकुलम–बिलासपुर और 22620 तिरुनेलवेली–बिलासपुर एक्सप्रेस को भंडारा रोड पर लगभग 10 मिनट डिटेन (रोका) किया जाएगा।18029 एलटीटी–शालीमार एक्सप्रेस को गंगाझरी रेलवे स्टेशन पर करीब 10 मिनट रोका जाएगा।
रेलवे बोर्ड से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही इस सीधी सेवा की आधिकारिक शुरुआत की तारीख और अंतिम समय-सारणी की घोषणा की जाएगी।

