रायपुर:
छत्तीसगढ़ में शाला अप्रवेशी, स्कूल छोड़ चुके (ड्रॉपआउट) और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक नई डिजिटल पहल शुरू की है। राज्य परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा द्वारा इसके लिए विशेष ‘लइका चिन्हारी’ मोबाइल एप तैयार किया गया है।
राज्य में माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर लगभग 13.8 प्रतिशत दर्ज की गई है, जिसे कम करने के लिए मैदानी स्तर पर घर-घर सर्वेक्षण कर बच्चों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा और उन्हें स्कूलों में दाखिला दिलाकर उनकी पढ़ाई की सतत निगरानी की जाएगी।
इस अभियान के तहत सर्वे कार्य के लिए स्थानीय साक्षरता प्रेरकों और अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि जरूरत पड़ने पर योग्य स्थानीय युवाओं और नियमित शासकीय कर्मचारियों का भी सहयोग लिया जाएगा। सर्वेकर्ता गूगल प्ले स्टोर से ‘लइका चिन्हारी’ एप डाउनलोड कर अपना विवरण दर्ज करेंगे, जिसका ऑनलाइन सत्यापन संबंधित संकुल शैक्षिक समन्वयक (CAC) अपनी आईडी से करेंगे। सत्यापन के बाद ही सर्वेकर्ताओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
योजना के तहत पारिश्रमिक के स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। एप में प्रति छात्र प्रविष्टि और सत्यापन पूरा होने पर सर्वेकर्ता को ₹20 दिए जाएंगे। वहीं, बच्चे को स्कूल में प्रवेश दिलाकर न्यूनतम तीन माह तक उपस्थिति बनाए रखने पर प्राचार्य के सत्यापन उपरांत ₹500 की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। इसके अतिरिक्त, माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल के माध्यम से परीक्षा में शामिल कराने पर भी ₹500 दिए जाएंगे। सभी भुगतानों का अंतरण जिलों के माध्यम से सीधे बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के जरिए किया जाएगा।



