जशपुर। जिला जशपुर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) यानी ‘बिहान’ योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बड़े स्तर पर कार्य किया जा रहा है। विधानसभा में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में उपमुख्यमंत्री (गृह) विजय शर्मा ने जिले में योजना की प्रगति और वित्तीय स्थिति का विवरण प्रस्तुत किया।
स्व-सहायता समूहों का जाल और सशक्तिकरण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जशपुर जिले में वर्तमान में कुल 12,103 महिला स्व-सहायता समूह सक्रिय हैं। इसके साथ ही 710 ग्राम संगठन और 32 संकुल स्तरीय संगठनों का गठन किया जा चुका है।
हैरानी की बात यह है कि जिले में योजना के तहत पुरुषों के स्व-सहायता समूहों की संख्या शून्य (निरंक) है, जो यह दर्शाता है कि यह अभियान पूर्णतः महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित है।
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वित्तीय स्थिति: करोड़ों का निवेश
पिछले तीन वर्षों के वित्तीय लेखा-जोखा के अनुसार, जिले के लिए कुल 71.82 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिसमें से 63.60 करोड़ रुपये विकास कार्यों और समूहों की सहायता पर व्यय किए जा चुके हैं।
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समूहों को दी गई वित्तीय सहायता का विवरण इस प्रकार है- 41,718.80 लाख रुपये (करीब 417 करोड़), 1,578.60 लाख रुपये, और सामुदायिक निवेश निधि (CIF): 5,160.00 लाख रुपये दिए गए.
1.35 लाख लाभार्थी, गड़बड़ी की कोई शिकायत नहीं
उपमुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि जिले में इस मिशन के माध्यम से अब तक 1,35,056 महिलाएं लाभान्वित हुई हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि योजना के क्रियान्वयन में अनियमितता या भ्रष्टाचार से संबंधित कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, जो प्रशासन के लिए एक राहत भरी खबर है।
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श्रीमती गोमती साय द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में सरकार ने स्पष्ट किया कि जिले में ‘बिहान’ योजना पारदर्शी तरीके से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही है।

