रायपुर/13 जनवरी 2026। राजधानी रायपुर के आधे हिस्से में पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू करने के निर्णय को तुगलकी फरमान करार देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि निकम्मी सरकार अपनी अक्षमता छुपाने के लिए अव्यावहारिक फैसले ले रही है, ये कैसी कमिश्नरी? एक ही जिले के भीतर शहरी और देहात को अलग करने से ये दिक्कतें आएंगी, प्रशासनिक समन्वय बड़ी चुनौती होगी, नया रायपुर अटल नगर, मंत्रालय, राजभवन, संचनालय, एयरपोर्ट, विधानसभा की सुरक्षा देहात एसपी का जिम्मा होगा ये क्षेत्र कमिश्नरी से बाहर होगा। उरला, सिलतरा, माना, आरंग, अभनपुर में पुराना सिस्टम ही लागू रहेगा इससे जिले के भीतर वारदात होने पर सीमा विवाद की स्थिति निर्मित होगी। एक शहर, दो पुलिसिंग, यह सुधार नहीं, प्रशासनिक उलझन है। एक ही जिले में 2 तरह की पुलिसिंग व्यवस्था अव्यावहारिक निर्णय है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि अपराध नियंत्रण के नाम पर यह सरकार त्रुटिपूर्ण व्यवस्था लागू करने जा रही है। बीमारी कहीं है और इलाज कहीं और ठूंढा जा रहा है। बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए सरकार की प्रशासनिक अक्षमता जिम्मेदार है, अक्षम गृहमंत्री को बदला जाना चाहिए लेकिन व्यवस्था बदलने की कवायद हो रही है। यदि रायपुर और बिरगांव के निगम सीमा में यह त्रुटिपूर्ण कमिश्नरी लागू होती है तो रायपुर जिले के 22 पुलिस थाने कमिश्नरी में होंगे, जबकि शेष निगम सीमा के बाहर के 15 पुलिस थाने एसपी के हवाले रहेंगे, इससे सीमा विवाद बढ़ेगा, शक्तियों का केंद्रीयकरण होगा, नागरिक अधिकारों पर प्रतिबंध की आशंका होगी, पुलिस अधिक निरंकुश होगी विश्वसनीयता का संकट और बढ़ेगा।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि आम जनता में प्रशासन के प्रति विश्वसनीय की कमी इस सरकार के दौरान लगातार बढ़ रही है। पुलिस की बर्बरता और अपराधियों से संलिप्तता सर्वविदित है, नशे के अवैध कारोबारियों को सत्ता का संरक्षण है, पुलिस हिरासत में मौतें सामान्य घटना हो गई है ऐसे में जिन अधिकारीयों पर कानून लागू करने की जिम्मेदारी उन्हें ही न्यायिक अधिकार देना क्या उचित है? बिगड़ती कानून व्यवस्था के लिए सिस्टम नहीं सरकार की अक्षमता जिम्मेदार, प्रदेश के असफल गृहमंत्री को नैतिकता के नाते तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए।


