जांजगीर-चांपा: नाबालिग लड़की का अपहरण कर शादी का प्रलोभन देने और उसके साथ दुष्कर्म करने के गंभीर मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। विशेष न्यायालय पॉक्सो (FTSC) की अपर सत्र न्यायाधीश रविन्दर कौर की अदालत ने आरोपी रमेश पटेल (निवासी ग्राम सिलादेही, थाना बिर्रा) को दोषी करार देते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 5/6 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसके साथ ही भादवि की धारा 363 में 7 वर्ष सश्रम कारावास व 200 रुपये अर्थदंड तथा धारा 366 में 10 वर्ष सश्रम कारावास व 300 रुपये अर्थदंड का फैसला दिया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) चंद्रप्रताप सिंह के अनुसार, घटना 14 जून 2022 की रात की है। पीड़िता के पिता ने 15 जून 2022 को बिर्रा थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रात में खाना खाने के बाद पूरा परिवार सोने चला गया था और उनकी नाबालिग पुत्री अपने कमरे में सोई थी। सुबह जब मां उसे जगाने पहुंची, तो वह कमरे में नहीं थी। आसपास और रिश्तेदारों के यहां तलाश के बाद भी जब सुराग नहीं मिला, तब पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा 363 के तहत जुर्म दर्ज कर जांच शुरू की थी।
विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पीड़िता को बरामद कर उसका बयान दर्ज कराया। पीड़िता ने महिला पुलिस अधिकारी को दिए बयान में खुलासा किया कि आरोपी रमेश पटेल (तत्कालीन उम्र 18 वर्ष 9 माह) उसे शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपने साथ जम्मू ले गया था। वहां उसने एक किराए के मकान में पीड़िता को रखकर लगातार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके आधार पर पुलिस ने मामले में भादवि की धारा 366, 376 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 व 6 जोड़ते हुए चालान कोर्ट में पेश किया।
अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 7 गवाहों के बयान कराए गए। विशेष लोक अभियोजक के तर्कों और साक्षियों के बयानों का सूक्ष्म विश्लेषण करने के बाद विशेष अदालत ने पाया कि आरोपी पर लगाए गए सभी आरोप संदेह से परे प्रमाणित हैं। अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए मुल्जिम को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा से दंडित किया।

