बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों को दशकों से मिल रहे सेवा लाभों को वर्षों बाद वापस लेने की प्रशासनिक कार्रवाई पर बेहद महत्वपूर्ण और सख्त टिप्पणी की है। न्यायमूर्ति राकेश मोहन पांडेय की एकलपीठ ने स्पष्ट कहा कि नियुक्ति के 25 से 30 साल बाद किसी कर्मचारी को दिए जा रहे वित्तीय या सेवा लाभ को अचानक वापस लेना प्रथमदृष्टया पूरी तरह अनुचित प्रतीत होता है। अदालत ने याचिकाकर्ता को 10 दिनों के भीतर शासन के समक्ष अपना अभ्यावेदन प्रस्तुत करने और शासन को उस पर 30 दिनों के भीतर वस्तुनिष्ठ व नियमानुसार निर्णय लेने का कड़ा निर्देश दिया है।

हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: सरकारी कर्मचारी की दूसरी पत्नी का बेटा भी अनुकंपा नियुक्ति का हकदार, लेकिन बड़े भाई को मिलेगी प्राथमिकता

क्या है पूरा मामला?

यह मामला रायपुर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर मेमोरियल अस्पताल में सहायक नर्सिंग अधीक्षक (Assistant Nursing Superintendent) के पद पर पदस्थ मंजू बघेल से जुड़ा हुआ है।याचिकाकर्ता ने वर्ष 1987 में नर्सिंग स्टाफ के पद पर शासकीय सेवा की शुरुआत की थी।उस समय तत्कालीन मध्य प्रदेश शासन के 11 सितंबर 1985 के परिपत्र (Circular) के तहत प्रशिक्षित डिप्लोमा धारक नर्सों को तीन अग्रिम वेतन वृद्धि (Advance Increments) और डिग्रीधारी नर्सों को चार अग्रिम वेतन वृद्धि देने का स्पष्ट प्रावधान था।इसी नीति और परिपत्र के आधार पर विभाग द्वारा उन्हें भी अग्रिम वेतन वृद्धि का वित्तीय लाभ प्रदान किया गया था।

पेंशन प्रकरणों में अड़चनें खत्म, स्कूल शिक्षा विभाग ने हटाई ‘न मांग, न जांच’ प्रमाण पत्र की यह खास शर्त

दशकों बाद लाभ वापस लेने की कोशिश पर कोर्ट सख्त

कर्मचारी को यह लाभ लगभग 3 दशकों तक लगातार मिलता रहा। वर्षों बाद विभाग द्वारा इस अग्रिम वेतन वृद्धि को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसके खिलाफ याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की पीठ ने माना कि इतने लंबे समय तक बिना किसी विवाद के मिल रहे लाभ को सेवा के अंतिम पड़ाव में या 25-30 साल बीत जाने के बाद वापस लेना कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

हाईकोर्ट ने तय की समय-सीमा

अदालत ने मामले का निपटारा करते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं:याचिकाकर्ता मंजू बघेल आगामी 10 दिनों के भीतर संबंधित सक्षम प्राधिकारी/शासन के समक्ष अपना विस्तृत अभ्यावेदन प्रस्तुत करेंगी।शासन/विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे इस अभ्यावेदन के प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर वस्तुनिष्ठता और नियमों को ध्यान में रखते हुए उचित व अंतिम निर्णय लें।
Share.

About Us

CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।

Contact Us

Syed Sameer Irfan
📞 Phone: 94255 20244
📧 Email: sameerirfan2009@gmail.com
📍 Office Address: 88A, Street 5 Vivekanand Nagar, Bhilai 490023
📧 Email Address: cgnow.in@gmail.com
📞 Phone Number: 94255 20244

© 2025 cgnow.in. Designed by Nimble Technology.

error: Content is protected !!
Exit mobile version