गाजियाबाद के सिहानी गेट थाने में 72 लाख रुपये के बीमा घोटाले का मामला सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति को मृत घोषित कर बीमा कंपनी से रकम वसूल ली गई जबकि वह जीवित निकला। एलआईसी के विधिक प्रबंधक की शिकायत पर पुलिस ने गौतमबुद्धनगर के भट्टा पारसौल निवासी पिता-पुत्र सहित पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोप है कि विजयपाल सिंह ने अपने बेटे अनिल सिंह की झूठी मौत दिखाकर बीमा कंपनी से 72 लाख रुपये का क्लेम हासिल किया। इस मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब 2023 में अहमदाबाद पुलिस ने एक अन्य फर्जीवाड़े के मामले में अनिल सिंह उर्फ गुड्डू को गिरफ्तार किया। उसकी गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि जिसकी 2006 में मौत बताई गई थी, वह अब भी जीवित है।
पुलिस के अनुसार अनिल सिंह ने वर्ष 2003 से 2006 के बीच चार बीमा पॉलिसियां करवाई थीं। इसके बाद 2006 में उसके पिता विजयपाल सिंह ने दावा किया कि अनिल की आगरा में एक सड़क हादसे में जलकर मौत हो गई है। इस आधार पर बीमा कंपनी ने 72 लाख रुपये की राशि जारी कर दी। जांच में पता चला कि 30 जुलाई 2006 को विजयपाल सिंह ने अपने बेटों अनिल सिंह और अभय सिंह के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। उन्होंने अपने साथी महिपाल और रामवीर सिंह के साथ मिलकर एक अर्द्धविक्षिप्त युवक को बहला-फुसलाकर बुलाया, उसे अनिल सिंह के कपड़े पहनाए और नशीली दवा देने के बाद उसे कार की ड्राइविंग सीट पर बैठाया। इसके बाद आगरा स्थित पीडब्ल्यूडी कार्यालय के पास कार में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई और झूठा प्रचार किया गया कि अनिल की जलकर मौत हो गई है। शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया।
2023 में अहमदाबाद में अनिल सिंह की गिरफ्तारी के बाद इस झूठ की परतें खुलनी शुरू हुईं। आगरा के रकाबगंज थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया और अब एलआईसी की शिकायत पर गाजियाबाद में बीमा धोखाधड़ी का केस भी दर्ज हो गया है। एसीपी नंदग्राम उपासना पांडेय ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
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