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आगरा | 21 फरवरी 2026

आगरा कमिश्नरेट पुलिस ने अपराधियों पर लगाम कसने के लिए तकनीक का एक नया और बेहद आधुनिक मोर्चा खोल दिया है। अब शहर के हर छोटे-बड़े अपराधी की आधार कार्ड की तर्ज पर एक यूनिक आईडी’ तैयार की जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत पुलिस के पास न केवल अपराधियों के फोटो और फिंगरप्रिंट होंगे, बल्कि उनके वॉइस सैंपल (आवाज का नमूना) का रिकॉर्ड भी मौजूद रहेगा।

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‘यक्ष एप’ से होगी पल भर में पहचान

आगरा पुलिस अपराधियों का पूरा डेटा ‘यक्ष एप’ पर फीड कर रही है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली जाएगी। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के अनुसार, अब किसी वारदात के बाद यदि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिलता है, तो एआई की मदद से अपराधी की पहचान तुरंत हो जाएगी। यदि चेहरा साफ नहीं है, तो आवाज के नमूने के जरिए अपराधी तक पहुँचा जा सकेगा। यह तकनीक खासकर लूट और डकैती जैसी संगीन वारदातों को सुलझाने में गेम-चेंजर साबित होगी।

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50 हजार अपराधियों का बनेगा डिजिटल डोजियर

कमिश्नरेट के तीनों जोन (नगर, पूर्वी और पश्चिमी) को मिलाकर लगभग 50,000 अपराधियों का डेटा तैयार किया जा रहा है। इसमें डकैती, लूट, हत्या, धोखाधड़ी और साइबर अपराध समेत 21 अलग-अलग श्रेणियों के अपराधी शामिल हैं। इस काम के लिए बीट सिपाही और दरोगा को जिम्मेदारी दी गई है, जो अपराधियों के घर जाकर उनके बायोमेट्रिक डेटा, फोटो और परिजनों की जानकारी एकत्र कर रहे हैं।

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यूनिक आईडी के बड़े फायदे:

  • एक क्लिक पर कुंडली: अपराधी के कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर आते ही उसका पूरा आपराधिक इतिहास सामने आ जाएगा।

  • दूसरे जिले में भी पकड़: यदि आगरा का अपराधी किसी अन्य जिले में पकड़ा जाता है, तो यूनिक आईडी के जरिए वहां की पुलिस को उसका पुराना रिकॉर्ड तुरंत मिल जाएगा।

  • जेल से छूटते ही अलर्ट: जैसे ही कोई सूचीबद्ध अपराधी जेल से बाहर आएगा, पुलिस को ऑटोमैटिक नोटिफिकेशन मिलेगा, जिससे उसका सत्यापन करना आसान होगा।

  • त्रिनेत्र और पहचान से आगे: पहले से मौजूद त्रिनेत्र और पहचान एप के मुकाबले ‘यक्ष एप’ अधिक एडवांस है, जिसमें एफआईआर और चार्जशीट की विस्तृत जानकारी के साथ-साथ आवाज का रिकॉर्ड भी रहेगा।

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 आगरा पुलिस अब सीसीटीवी के साथ-साथ 3-डी कैमरों का भी प्रयोग कर रही है। इस हाई-टेक पहल से न केवल वारदातों का खुलासा जल्दी होगा, बल्कि अपराधियों में कानून का खौफ भी बढ़ेगा। पुलिस की इस सक्रियता से आगरा अब अपराधियों के लिए छिपने की सुरक्षित जगह नहीं रह जाएगा।

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