छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आज, 25 सितंबर से प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन मिलन सेवा’ कार्यक्रम की शुरुआत हो रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के समन्वय से आयोजित होने वाला यह विशेष अभियान 6 अक्टूबर तक चलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य माताओं, बच्चों और स्थानीय समुदाय को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं तथा महिला कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र में निर्धारित तिथि पर यह आयोजन सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित किया जाएगा।
अभियान के पहले दिन आज रायपुर शहरी क्षेत्र सहित बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभागों के विभिन्न केंद्रों में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके बाद निर्धारित रोस्टर के अनुसार 6 अक्टूबर तक सभी जिलों में यह गतिविधि संचालित होगी। कार्यक्रम के दौरान ‘मेरी पौष्टिक थाली’ और पारंपरिक पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। इसके साथ ही मौके पर बच्चों और महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता, खेलकूद गतिविधियां और जनसहभागिता से ‘न्योता भोज’ का आयोजन किया जाएगा। हर घर पोषण का संदेश देने के लिए ‘घर-घर मुनगा, हर घर मुनगा’ अभियान के तहत पोषण वाटिकाओं में पौधरोपण भी होगा।
इस दौरान महतारी वंदन योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाएं अपने अनुभव साझा करेंगी, साथ ही छूटे हुए पात्र हितग्राहियों का नया पंजीयन भी किया जाएगा। महतारी वंदन योजना की राशि का उपयोग परिवार के पोषण सुधार में करने वाली माताओं को ‘पोषण शक्ति सम्मान’ से नवाजा जाएगा। इसके अलावा, मैदानी स्तर पर समर्पित सेवाएं दे रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मितानिनों को भी सम्मानित किया जाएगा। विभाग ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और महिला स्व-सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।


