रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के मौजूदा सत्र के दौरान पत्थलगांव क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति की भूमि के हस्तांतरण और उन पर अवैध कब्जों का मुद्दा गरमाया रहा। विधायक श्रीमती गोमती साय द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न संख्या 1367 के लिखित उत्तर में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने विभाग की ओर से विस्तृत जानकारी साझा की।
मंत्री जी ने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 2022-23 से लेकर जनवरी 2026 तक की अवधि में जशपुर जिले के पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 170 (ख) के तहत कुल 19 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इन प्रकरणों का संबंध मुख्य रूप से आदिवासी भूमि के अंतरण और स्वामित्व की जांच से है।
अवैध कब्जों और क्रय-विक्रय के गंभीर सवालों पर स्पष्टीकरण देते हुए मंत्री ने बताया कि क्षेत्र में आदिवासी भूमि के अवैध क्रय-विक्रय का कोई भी नया मामला फिलहाल प्रकाश में नहीं आया है। हालांकि, जांच के दौरान दो विशेष प्रकरणों में भूमि पर अवैधानिक कब्जा पाया गया था, जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए विभाग ने संबंधित भूमि को उसके मूल आदिवासी भूस्वामी को वापस करने का आदेश पारित कर दिया है।
इसके अतिरिक्त, धारा 170 (ख) के तहत आने वाली भूमियों में से अब तक एक प्रकरण में डायवर्सन की अनुमति भी दी जा चुकी है। शेष ग्रामवार और तहसीलवार विवरणों के लिए विभाग ने संलग्न प्रपत्रों का हवाला देते हुए आश्वस्त किया कि आदिवासी भूमि के संरक्षण हेतु नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।



