बापू और छत्तीसगढ़: कंडेल की नहरों से अछूतोद्धार की क्रांति तक, एक अटूट नाता

यमुनोत्री धाम में भी गैर-सनातनियों की एंट्री पर रोक, बदरी-केदार और गंगोत्री में भी लागू होगा नियम [रायपुर/विशेष ब्यूरो] 30 जनवरी 1948 की वह शाम भले ही इतिहास के पन्नों में एक गहरा जख्म दे गई, लेकिन छत्तीसगढ़ की माटी में बापू के कदमों के निशान आज भी अमिट हैं। आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की … Continue reading बापू और छत्तीसगढ़: कंडेल की नहरों से अछूतोद्धार की क्रांति तक, एक अटूट नाता