नई दिल्ली: आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय अपने सभी संबद्ध व अधीनस्थ कार्यालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) के साथ मिलकर 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक ‘विशेष अभियान 6’ (Special Campaign 6.0) में सक्रिय रूप से भाग लेगा। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का प्राथमिक उद्देश्य सरकारी दफ्तरों में स्वच्छता को एक स्थायी संस्कृति का रूप देना और लंबे समय से अटके प्रशासनिक व सार्वजनिक मामलों का तेजी से निपटारा करना है।
मंत्रालय के अनुसार, इस पूरे अभियान को सुव्यवस्थित तरीके से दो चरणों में संचालित किया जाएगा:
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तैयारी चरण (प्रिपरेटरी फेज): 15 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक
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कार्यान्वयन चरण (इम्प्लीमेंटेशन फेज): 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक
ई-कचरा प्रबंधन और नियमों के कड़े पालन पर फोकस
इस वर्ष के विशेष अभियान की मुख्य थीम “ई-कचरे का प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और सुरक्षित निपटान” तय की गई है। इसके अंतर्गत दफ्तरों में जमा पुराने कंप्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और हार्डवेयर को चिन्हित कर ‘ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022’ के प्रावधानों के तहत वैज्ञानिक ढंग से निस्तारित किया जाएगा।
लंबित फाइलों और जनशिकायतों का होगा त्वरित समाधान
अभियान के दौरान प्रशासनिक कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए विभिन्न स्तरों पर लंबित मामलों के निस्तारण का विशेष लक्ष्य रखा गया है। इनमें शामिल हैं:
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सांसदों, राज्य सरकारों और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से प्राप्त लंबित संदर्भ
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अंतर-मंत्रालयी पत्राचार और संसद में दिए गए सरकारी आश्वासन
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सीपीजीआरएएमएस (CPGRAMS) पोर्टल पर दर्ज जनशिकायतें और उनसे संबंधित अपीलें
सीपीडब्ल्यूडी और एनबीसीसी संभालेंगे क्षेत्रीय कमान
स्वच्छ भारत मिशन के विजन के अनुरूप, इस बार आम जनता से सीधे जुड़े क्षेत्रीय और बाहरी (फील्ड) दफ्तरों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) और एनबीसीसी (NBCC) जैसे प्रमुख तकनीकी व निर्माण संगठनों ने अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की है। ये संगठन सरकारी भवनों के सौंदर्यीकरण, बाहरी परिसरों की गहन सफाई और नागरिकों के बीच ई-कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाने का दायित्व निभाएंगे।



