भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश भर में टोल संचालन को अधिक सुरक्षित, विनम्र और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल की है। प्राधिकरण ने एक्सप्रेसवे और राष्ट्रीय राजमार्गों पर 1,140 से अधिक टोल प्लाजा की ‘डे शिफ्ट’ यानी दिन की पाली में 5,100 से अधिक महिला कर्मचारियों को तैनात किया है। यह कदम टोल संचालन में लैंगिक समावेशिता को बढ़ावा देने और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर सेवा वितरण में सुधार करना और यात्रियों के अनुभव को सुखद बनाना है। एनएचएआई का मानना है कि अग्रिम पंक्ति में महिलाओं की तैनाती से टोल प्लाजा पर होने वाले विवादों की संभावना कम होगी और यात्रियों के साथ अधिक सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार सुनिश्चित हो सकेगा। यह निर्णय नेशनल हाइवेज बिल्डर फेडरेशन, हाइवे ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया और ऑल इंडिया यूजर फी कॉन्ट्रैक्टर्स फेडरेशन जैसे प्रमुख उद्योग संगठनों के साथ विस्तृत चर्चा और आम सहमति के बाद लिया गया है।
यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोलेगी। दूरस्थ इलाकों में रहने वाली महिलाओं की राजमार्ग अवसंरचना क्षेत्र में भागीदारी बढ़ने से आर्थिक सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी। एनएचएआई इन महिला कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान करेगा ताकि वे राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के साथ विनम्रता से व्यवहार करने, आपातकालीन स्थितियों को संभालने और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सही ढंग से पालन करने में पूरी तरह सक्षम हो सकें।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के जरिए टोल संचालन में एक अधिक पेशेवर और उपयोगकर्ता के अनुकूल वातावरण तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले समय में और भी अधिक महिला कर्मचारियों के इस अभियान से जुड़ने की संभावना है। एनएचएआई इस पहल के क्रियान्वयन की लगातार निगरानी करेगा ताकि इसका लाभ सीधे तौर पर सड़क उपयोगकर्ताओं और महिला कर्मचारियों को मिल सके।


