रायपुर:
12वीं कक्षा में बायो (जीव विज्ञान) विषय से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अब बायो संकाय के छात्र भी बीटेक इन डेयरी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकेंगे। अब तक इस तकनीकी पाठ्यक्रम में केवल गणित (मैथ्स) विषय के छात्रों को ही दाखिला दिए जाने का नियम रहा है, लेकिन मौजूदा सत्र से प्रवेश नियमों में यह बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव कर दिया गया है।
अब तक व्यापमं द्वारा आयोजित पीईटी (प्री इंजीनियरिंग टेस्ट) में प्राप्त अंकों के आधार पर ही सीटें आवंटित की जाती रही हैं। बीते वर्षों में सीटें खाली रहने पर अंतिम चरण में 12वीं के अंकों के आधार पर छूट दी जाती थी, लेकिन इस बार काउंसिलिंग के शुरुआती चरण से ही गणित और बायो दोनों ही संकाय के छात्रों को शामिल होने का मौका मिल रहा है।
इस बार पीईटी के साथ-साथ पीएटी (प्री एग्रीकल्चर टेस्ट) के अंक भी मान्य किए जा रहे हैं। चूंकि पीईटी में केवल गणित के छात्र बैठ सकते हैं, जबकि पीएटी में गणित और बायो दोनों संकाय के विद्यार्थी शामिल होते हैं। अब दोनों प्रवेश परीक्षाओं के अंकों के आधार पर एक संयुक्त मेरिट लिस्ट तैयार की जा रही है, जिसके ज़रिए प्रवेश दिया जाएगा। जानकारों और कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, डेयरी टेक्नोलॉजी का एक बड़ा हिस्सा कृषि और जैव विज्ञान से जुड़ा होता है, इसलिए बायो के विद्यार्थियों को भी इसके योग्य माना गया है।
प्रवेश परीक्षाओं के परिणाम जारी होने के बाद, अब अगस्त महीने के पहले पखवाड़े में ही काउंसिलिंग का शेड्यूल जारी करने और पंजीयन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी चल रही है। उल्लेखनीय है कि पूरे छत्तीसगढ़ में केवल रायपुर स्थित दुग्ध विज्ञान एवं खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में ही इस कोर्स का संचालन होता है, जहाँ बीटेक डेयरी और फूड प्रोसेसिंग की कुल 50 सीटें मौजूद हैं।
दुग्ध प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के प्रवेश प्रभारी डॉ. सुधीर उपरीत के अनुसार, डेयरी इंजीनियर बनने के लिए अब केवल गणित विषय होना अनिवार्य नहीं है। बायो के छात्र भी पीएटी स्कोर कार्ड के आधार पर काउंसिलिंग में हिस्सा लेकर डेयरी इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपना भविष्य बना सकते हैं।



