रायपुर: प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने और पढ़ाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। विभाग विभिन्न मामलों में निलंबित 800 से अधिक शिक्षकों के प्रकरणों की समीक्षा कर रहा है। आरोपों की गंभीरता और जांच की स्थिति के आधार पर पात्र पाए जाने वाले शिक्षकों को बहाल कर सीधे जरूरतमंद स्कूलों में पदस्थ किया जाएगा।
विशेषकर ऐसे एकल शिक्षकीय स्कूलों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां युक्तियुक्तकरण के बाद केवल एक शिक्षक रह गया है या छात्र संख्या के अनुपात में शिक्षकों की भारी कमी है। बहाली के बाद मनपसंद पोस्टिंग की व्यवस्था समाप्त करते हुए शिक्षकों को केवल जरूरत के आधार पर ही पदस्थापना दी जाएगी।
इसके साथ ही स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अटैचमेंट की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं। विभिन्न कार्यालयों और गैर-जरूरी स्थानों पर अटैच किए गए शिक्षकों और कर्मचारियों को अब अनिवार्य रूप से अपने मूल पदस्थापना वाले स्कूलों में लौटना होगा।
उनकी ऑनलाइन उपस्थिति भी मूल स्कूल से ही दर्ज की जाएगी, और आदेश का पालन न करने वालों का वेतन रोका जाएगा। विभाग का स्पष्ट लक्ष्य शिक्षकों को दफ्तरों से निकालकर सीधे कक्षाओं तक पहुंचाना है, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो और उपलब्ध मानव संसाधन का पूरा उपयोग हो सके।



