सुरों के सन्यासी बुद्धमनः जिनकी लहराती आवाज और सुर से हवा गुनगुनाती है,माटी महकती है और पहाड़ थिरकते हैं, लोगों की धड़कनें तेज हो जाती है, जशपुर की खुशबू और छोटा नागपुर का गौरव

​’उड़कर आऊं क्या?’ अब यह झुंझलाहट नहीं हकीकत है: आ गई हवा में उड़ने वाली टैक्सी, 1 घंटे का सफर अब सिर्फ चंद मिनटों में क्षेत्रीय कला डेस्क : फैजान अशरफ़  लोक संगीत की दुनिया में कई कलाकार आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन कुछ अपनी आवाज से वक्त को मुट्ठी में कैद कर … Continue reading सुरों के सन्यासी बुद्धमनः जिनकी लहराती आवाज और सुर से हवा गुनगुनाती है,माटी महकती है और पहाड़ थिरकते हैं, लोगों की धड़कनें तेज हो जाती है, जशपुर की खुशबू और छोटा नागपुर का गौरव