नई दिल्ली:
देश में कैंसर के महंगे इलाज और जीवनरक्षक दवाओं की भारी कीमतों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों और संसद की स्थायी समिति के मंथन के बाद केंद्र सरकार ने निर्णायक कदम उठाने की तैयारी कर ली है। स्वास्थ्य मंत्रालय अब कैंसर की प्राथमिक जांच, आधुनिक तकनीक और दवाओं के सटीक इस्तेमाल के लिए एक व्यापक व मानक रोडमैप तैयार कर रहा है।
इस नई नीति का मुख्य मकसद यह तय करना है कि किस कैंसर के लिए कौन-सी जांच, थेरेपी और दवा सबसे प्रभावी व आवश्यक है, ताकि मरीजों को गैर-जरूरी और बेहद खर्चीले टेस्ट व दवाओं के बोझ से बचाया जा सके।
गैर-जरूरी और महंगे इलाज पर लगेगी लगाम
सटीक दिशानिर्देशों के अभाव में अक्सर मरीजों को ऐसी महंगी दवाएं और जांचें लिख दी जाती हैं, जिनका प्रभाव सीमित होता है। स्वास्थ्य मंत्रालय अब कैंसर के हर चरण के लिए ‘स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल’ (मानक उपचार नियमावली) को नए सिरे से अपडेट कर रहा है: सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में इलाज की प्रक्रिया को पारदर्शी, तर्कसंगत और मरीज की जेब के अनुकूल बनाना अनिवार्य होगा। दवा, आधुनिक तकनीक या मशीनों की लागत और आम जनता तक पहुंचने वाली कीमतों की गहन समीक्षा की जाएगी।
हर जिले में खुलेंगे विशेष जांच केंद्र, AI का होगा इस्तेमाल
कैंसर की पहचान यदि पहले चरण में हो जाए, तो इलाज का खर्च और जान का जोखिम दोनों काफी कम हो जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार स्क्रीनिंग को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही है:देश के हर जिले के सरकारी अस्पताल में कैंसर की प्राथमिक जांच के लिए विशेष केंद्र स्थापित किए जाएंगे।स्तन, मुंह और गर्भाशय ग्रीवा (Cervical) के कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। जांच रिपोर्ट तैयार करने में तेजी और सटीकता के लिए एआई आधारित टेली-पैथोलॉजी और डिजिटल पैथोलॉजी को बढ़ावा दिया जाएगा।
दवाओं और थेरेपी की उपयोगिता परखेगी ‘HTAIn’
सरकार ‘हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट इन इंडिया’ (HTAIn) के जरिए अलग-अलग जांचों, दवाओं और इलाज के तरीकों की लागत-प्रभाविता (Cost-Effectiveness) का वैज्ञानिक आकलन कराएगी।हाल ही में संसद की स्थायी समिति के समक्ष भी इस पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इस प्रक्रिया से यह तय किया जाएगा कि कौन-सी कैंसर दवा वास्तव में मरीज के लिए जीवनरक्षक है और उसके आधार पर दवाओं के दाम नियंत्रित व तर्कसंगत किए जाएंगे।


