रायपुर/CG Now:
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज गुरुवार, 19 मार्च की कार्यवाही विधायी और राजनीतिक दृष्टि से बेहद गहमागहमी भरी रहने वाली है। आज सदन की शुरुआत होते ही प्रश्नकाल के दौरान सरकार को जनहित से जुड़े कई संवेदनशील और बुनियादी विभागों पर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी। कार्यसूची के अनुसार, आज सदन में गृह विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। इन विभागों से संबंधित मंत्री आज विधायकों द्वारा पूछे गए तारांकित और अतारांकित प्रश्नों का उत्तर देंगे, जिसमें कानून व्यवस्था से लेकर गाँवों में विकास कार्यों की प्रगति और अस्पतालों की बदहाली जैसे मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं। विशेष रूप से प्रदेश में रोजगार के अवसरों और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार को लेकर विपक्षी विधायक सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में हैं।
प्रश्नकाल के बाद आज का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026’ रहने वाला है। गृह मंत्री श्री विजय शर्मा इस महत्वपूर्ण विधेयक को सदन के पटल पर रखेंगे, जिसके जरिए धर्मांतरण जैसे संवेदनशील विषय पर नए और कड़े कानून बनाने की दिशा में सरकार कदम बढ़ाएगी। इस विधेयक के साथ ही सदन में भ्रष्टाचार और सरकारी योजनाओं में लापरवाही के मुद्दे भी गूँजेंगे। विधायक श्री ओंकार साहू सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत बांटे जा रहे ‘फोर्टिफाइड चावल’ में अनियमितता की ओर खाद्य मंत्री का ध्यान आकर्षित करेंगे, जबकि विधायक श्री सुशांत शुक्ला केंद्र सरकार से प्राप्त विशेष सहायता राशि के व्यय में हुई गड़बड़ी का मुद्दा वित्त मंत्री के सामने उठाएंगे।
वित्तीय और प्रशासनिक मोर्चे पर भी आज कई अहम दस्तावेज पटल पर रखे जाएंगे। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी वित्तीय वर्ष 2024-25 का ‘निष्पादन बजट’ (Performance Budget) और प्रदेश की विकास दर को मजबूती देने के लिए ‘ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड’ से जुड़ी अधिसूचनाएं प्रस्तुत करेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रेत उत्खनन और व्यवसाय से जुड़े नए नियमों की जानकारी देंगे, और डिप्टी सीएम अरुण साव नगर पालिकाओं के व्यापार अनुज्ञापन नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखेंगे। क्षेत्रीय विकास की बात करें तो विधायक श्रीमती रायमुनी भगत जशपुर में पुल निर्माण और श्रीमती चातुरी नंद महासमुंद में स्कूल व बैंक शाखा खोलने जैसी जनहित की याचिकाएं पेश करेंगी। कुल मिलाकर, आज का दिन छत्तीसगढ़ की राजनीति और नीति-निर्धारण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होने वाला है, जहाँ मंत्रियों के जवाब और नए विधेयकों की दिशा प्रदेश का भविष्य तय करेगी।
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