रायपुर: छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन (135 मान्यता व गैर-मान्यता प्राप्त संगठनों का प्रतिनिधि संगठन) ने प्रदेश के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने तथा इसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव को ज्ञापन सौंपा है।
कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा (पत्र क्र. छ.ग.क.अ.फे./842, दिनांक 13/08/2026) द्वारा सौंपे गए इस पत्र में कहा गया है कि हाल ही में शिक्षा विभाग की बैठक में पदोन्नति हेतु TET को अनिवार्य किए जाने के निर्देश से प्रदेश के हजारों शिक्षकों में भ्रम और निराशा का माहौल बन गया है।
वर्तमान प्रचलित शिक्षक भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में पदोन्नति के लिए TET उत्तीर्ण होना अनिवार्य नहीं है। विभागीय बैठक के आधार पर नई शर्त जोड़ना नियमों की भावना के खिलाफ है।
वर्षों से सेवा दे रहे वरिष्ठ शिक्षकों को केवल TET न होने के कारण पदोन्नति से रोकना या कनिष्ठों से पीछे धकेलना न्यायसंगत नहीं है। इससे भविष्य में अदालती विवाद (कोर्ट केस) की स्थिति पैदा हो सकती है।
समय-सीमा और अवसर का तर्क:
यदि TET उत्तीर्ण करने के लिए वर्ष 2028 तक की समय-सीमा तय है, तो इस अवधि के दौरान पदोन्नति रोकना अनुचित है।
कमल वर्मा प्रांतीय संयोजक, छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने कहा शिक्षकों के हित, वरिष्ठता के अधिकार तथा शिक्षा व्यवस्था की निरंतरता को ध्यान में रखते हुए शासन इस संवेदनशील विषय पर शीघ्र और न्यायसंगत निर्णय ले।” — कमल वर्मा (प्रांतीय संयोजक, छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन
CG NOW एक भरोसेमंद और निष्पक्ष न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जो आपको छत्तीसगढ़, भारत और दुनिया भर की ताज़ा, सटीक और तथ्य-आधारित खबरें प्रदान करता है। हमारी प्राथमिकता है जनता तक सही और निष्पक्ष जानकारी पहुँचाना, ताकि वे हर पहलू से जागरूक और अपडेटेड रहें।