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छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह से एक्टिव हो गया है, जिसके कारण आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और तेजी से बढ़ने वाली हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 30 जून से मानसून पूरे प्रदेश में फैल चुका है और पिछले 24 घंटों में सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ इलाकों में भारी बारिश भी दर्ज की गई है।
राजधानी रायपुर में बुधवार को दिनभर काले बादल छाए रहे और दोपहर तक उमस के बाद हुई हल्की बूंदाबांदी ने लोगों को राहत दी। रायपुर में अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आज भी शहर में आसमान में काले बादल छाए हुए हैं और ऐसा ही मौसम बने रहने का अनुमान है।
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अगले सात दिनों के मौसम की बात करें तो प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज और कल कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश होने और एक-दो स्थानों पर वज्रपात (बिजली गिरने) की विशेष चेतावनी जारी की है।
इस भारी बारिश का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी और दक्षिणी बांग्लादेश के ऊपर बना एक चक्रवाती सिस्टम है। इसके प्रभाव से 3 जुलाई 2026 के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के पास कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बनने जा रहा है। साथ ही, पंजाब से लेकर बंगाल की खाड़ी तक एक मौसमी द्रोणिका (ट्रफ लाइन) भी बनी हुई है, जो मानसून को और मजबूत कर रही है। उत्तर छत्तीसगढ़ के ऊपर भी हवा का एक चक्रवाती घेरा बना हुआ है।
पिछले 24 घंटों के तापमान पर नजर डालें तो प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्मी बलरामपुर-रामानुजगंज में रही, जहां तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बिलासपुर में 34 डिग्री, जशपुर में 33.5 डिग्री, अंबिकापुर में 33.1 डिग्री, कोरबा में 32.9 डिग्री, दुर्ग में 30.6 डिग्री और जगदलपुर में सबसे कम 28.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

