नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ ने औद्योगिक विकास और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में एक और बहुत बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य के हाई-टेक शहर ‘नवा रायपुर’ में दूसरे विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड – SEZ) की स्थापना को हरी झंडी मिल गई है। केंद्र सरकार की ओर से ‘पॉलीमेटेक इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड’ को नवा रायपुर के 10.13 हेक्टेयर क्षेत्र में एक बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग आधारित एसईजेड को स्थापित करने की आधिकारिक स्वीकृति दे दी गई है। इस विशेष क्षेत्र में भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत यानी सेमीकंडक्टर (Semiconductor) और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों का बड़े पैमाने पर निर्माण किया जाएगा।
क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?
यह पूरी परियोजना छत्तीसगढ़ के औद्योगिक इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होने जा रही है। इसके जरिए राज्य में पहला सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र (चिप मैन्युफैक्चरिंग प्लांट) स्थापित होने का रास्ता साफ हो गया है। अब तक मुख्य रूप से कोयला, स्टील, और सीमेंट जैसे पारंपरिक उद्योगों के लिए पहचाना जाने वाला छत्तीसगढ़, अब तकनीक आधारित और उच्च मूल्य वाले वैश्विक उद्योगों की नई दुनिया में कदम रखने जा रहा है। इस प्लांट के आने से न केवल राज्य के औद्योगिक विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ पूरे देश में तकनीक आधारित निवेश और आधुनिक विनिर्माण (Modern Manufacturing) के एक बड़े केंद्र के रूप में उभरकर सामने आएगा।
युवाओं को मिलेगा रोजगार, मजबूत होगी तकनीकी नींव: सीएम साय
इस बड़ी उपलब्धि पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह मंजूरी इस बात का सीधा प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में निवेश और उद्योगों के लिए एक बेहद सकारात्मक और सुरक्षित माहौल तैयार हो चुका है। राज्य सरकार पारदर्शी व्यवस्था, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और उद्योग अनुकूल नीतियों के जरिए भविष्य के उद्योगों को आकर्षित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “सेमीकंडक्टर तकनीक आज और आने वाले भविष्य की सबसे बड़ी जरूरत है। नवा रायपुर में राज्य का पहला सेमीकंडक्टर निर्माण संयंत्र स्थापित होना केवल एक नए उद्योग की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ के तकनीकी और आधुनिक भविष्य की एक बेहद मजबूत नींव है। इससे हमारे स्थानीय युवाओं को रोजगार के शानदार अवसर मिलेंगे, उनका तकनीकी कौशल (Technical Skills) बढ़ेगा और राज्य को दुनिया भर में एक नई औद्योगिक पहचान मिलेगी।”


