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रायपुर:
छत्तीसगढ़ की सियासत में इस वक्त एक बार फिर से भारी उबाल आ गया है। राजधानी रायपुर में कांग्रेस नेताओं पर केंद्रीय जांच एजेंसियों की ताबड़तोड़ कार्रवाई के विरोध में मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस आज पूरे प्रदेश में एक बेहद आक्रामक और बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। कांग्रेस आलाकमान ने इस मामले को लेकर बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है और प्रदेश की सभी जिला इकाइयों (District Units) को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सड़क पर उतरें और देश के प्रधानमंत्री तथा राज्य के मुख्यमंत्री का पुतला दहन (Effigy Burning) कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराएं। इस बड़े और राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस के कई दिग्गज व वरिष्ठ नेता, विधायक और भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होने के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं, जिससे पूरे प्रदेश का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
इस बड़े प्रदर्शन के बैकग्राउंड और कांग्रेस के स्टैंड को समझें तो पार्टी ने सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर एक बहुत ही गंभीर और सीधा आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का साफ कहना है कि बीजेपी सरकार केंद्र और राज्य की जांच एजेंसियों का अपने निजी राजनीतिक उद्देश्यों (Political Motives) के लिए सरेआम दुरुपयोग कर रही है और विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। नेताओं पर हो रही इस कार्रवाई को कांग्रेस ने पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताया है और इसी के विरोध में आज पूरे छत्तीसगढ़ के हर जिला मुख्यालय में एक साथ मोर्चा खोलने का बड़ा प्लान तैयार किया गया है। दूसरी तरफ, कांग्रेस के इस बड़े प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासनों और पुलिस विभाग ने भी सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं ताकि कानून व्यवस्था की स्थिति काबू में रहे और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
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